मानसून ने पकड़ी रफ्तार, मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश-बिहार में जल्द दस्तक, राजस्थान में भी बारिश का बड़ा अपडेट

मानसून ने पकड़ी रफ्तार, मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश-बिहार में जल्द दस्तक, राजस्थान में भी बारिश का बड़ा अपडेट

प्रेषित समय :22:00:45 PM / Sun, Jun 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और अब उसकी निगाह मध्य भारत तथा उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले एक सप्ताह में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो चुकी हैं, जबकि कुछ इलाकों में मानसून की औपचारिक एंट्री की तारीखें भी लगभग तय हो गई हैं. इस बीच दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं और हल्की बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ घंटों के दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ कई इलाकों में गरज-चमक और हल्की बारिश की भी संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय हो रही नमी और बदलती वायुमंडलीय परिस्थितियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल संकेत दे रही हैं.

सबसे पहले बात बिहार की करें तो राज्य में मानसून लगभग पूरी तरह सक्रिय होने की स्थिति में पहुंच चुका है. मौसम विभाग के अनुसार 15 से 17 जून के बीच मानसून बिहार के अधिकांश जिलों को कवर कर सकता है. पटना, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और गया समेत कई जिलों में अगले कुछ दिनों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बिहार इस बार मानसून का स्वागत सामान्य समय के आसपास ही करेगा.

मध्य प्रदेश में भी मानसून की एंट्री अब बेहद करीब मानी जा रही है. मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 16 से 18 जून के बीच मानसून बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, सिवनी और छिंदवाड़ा जैसे दक्षिण-पूर्वी जिलों में प्रवेश कर सकता है. इसके बाद 19 से 22 जून के बीच भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सागर, उज्जैन और इंदौर संभाग तक मानसून पहुंचने की संभावना है. ग्वालियर और चंबल अंचल में मानसून जून के अंतिम सप्ताह तक सक्रिय हो सकता है. फिलहाल राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बिजली और बारिश का दौर जारी है.

उत्तर प्रदेश में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 से 20 जून के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मानसून दस्तक दे सकता है. वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, देवरिया, आजमगढ़, गाजीपुर और प्रयागराज क्षेत्र सबसे पहले मानसूनी बारिश का स्वागत कर सकते हैं. इसके बाद 21 से 24 जून के बीच लखनऊ, कानपुर, बरेली, मेरठ, अलीगढ़, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसून पहुंचने की संभावना है. अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.

राजस्थान में भी मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. जयपुर, कोटा, उदयपुर, बूंदी, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और बारां समेत कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 जून के बीच दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मानसून प्रवेश कर सकता है. कोटा और उदयपुर संभाग सबसे पहले मानसून की बारिश देख सकते हैं. इसके बाद धीरे-धीरे मानसून जयपुर, अजमेर और जोधपुर की ओर बढ़ेगा. पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों में मानसून जून के अंतिम सप्ताह में पहुंचने की संभावना है.

इस बीच दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी मौसम लगातार करवट ले रहा है. दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया. तेज हवाओं और बादलों की वजह से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 जून तक दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून की शुरुआती गति कुछ धीमी रही, लेकिन अब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं. यही वजह है कि मध्य भारत और उत्तर भारत में मानसून की रफ्तार अचानक बढ़ती दिखाई दे रही है.

कृषि क्षेत्र के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है. मध्य प्रदेश में सोयाबीन, उत्तर प्रदेश और बिहार में धान तथा राजस्थान में खरीफ फसलों की बुवाई के लिए किसान लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे हैं. मौसम विभाग का मानना है कि जून के तीसरे सप्ताह के अंत तक देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगी.

फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को आंधी, बिजली और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है. आने वाले सात से दस दिन उत्तर भारत के मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि इसी अवधि में मानसून मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-