आज का दिन- 15 जून 2026, अमावस्या को करें कालसर्प योग दोष निवारण!

आज का दिन- 15 जून 2026, अमावस्या को करें कालसर्प योग दोष निवारण!

प्रेषित समय :21:56:06 PM / Sun, Jun 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8302755688)
* कृष्ण अमावस्या प्रारम्भ - 12:19 पीएम, 14 जून 2026
* कृष्ण अमावस्या समाप्त - 08:23 एएम, 14 जून 2026

* कालसर्प महज एक योग है जिसके अनुसार जब सारे ग्रह राहु-केतु के बीच आ जाते हैं, तब बनता है.
* जब कोई एक ग्रह इस घेरे से बाहर होता है तब इसे आंशिक योग माना जाता है.
* आमतौर पर कालसर्प योग को दोष मानकर डर का ऐसा वातावरण तैयार हो गया है कि व्यक्ति को हर परेशानी का कारण यही दोष नजर आता है.
* वैसे देश-दुनिया में कई ऐसे सफलतम व्यक्ति हैं जिनकी जन्म कुंडली में कालसर्प योग रहे हैं, इसलिए सर्व प्रथम तो कालसर्प योग के डर से मुक्त होना आवश्यक है. 
* यदि कालसर्प दोष जन्म कुंडली में प्रभावी है तो इससे मुक्ति के लिए अमावस्या उत्तम तिथि है. 
* श्रेष्ठ ज्ञानी पंडित के निर्देशन में कालसर्प दोष मुक्ति के लिए पूजा करें.
* यदि पूजा नहीं करना चाहते हैं तो भी कई उपाय हैं जो कालसर्प दोष के मानसिक एवं वास्तविक कुप्रभाव को नष्ट करने में सहायक हैं.
* नागपाश से मुक्त कराने वाले महावीर हनुमान की नियमित पूजा करें, कालसर्प दोष अप्रभावी होगा.
* श्रीकृष्ण से इस दोष के कुप्रभाव से मुक्ति की प्रार्थना करें एवं घर में मयूर पंख रखें.
* देवी सरस्वती की नियमित पूजा कर इस दोष से मुक्ति की प्रार्थना करें.
* यदि संभव हो तो किसी सपेरे द्वारा पकड़े गए सर्प को मुक्त कराएं.
* अमावस्या को चांदी का सर्प का जोड़ा भोलेनाथ को चढ़ाएं एवं कालसर्प योग के कुप्रभाव से मुक्ति की प्रार्थना करें.
* कालसर्प योग को लेकर वहम नहीं पालें, वरना बेवजह मानसिक तनाव होगा!
* ग्रहों के गोचर और जन्म कुंडली की दशा-अन्तर्दशा के सापेक्ष कुप्रभाव में कमी-बढ़ोतरी संभव है इसलिए भोलेनाथ की शरण में जाएं, हर दोष से मुक्ति मिलेगी!
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 15 जून 2026
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), पूर्णिमान्त महीना ज्येष्ठ (अधिक), वार सोमवार, पक्ष कृष्ण, तिथि अमावस्या - 08:23 ए एम तक, क्षय तिथि प्रतिपदा - 04:30 ए एम (16 जून 2026) तक, नक्षत्र मृगशिरा - 07:08 पी एम तक, योग शूल - 08:56 ए एम तक, क्षय योग गण्ड - 04:39 ए एम (16 जून 2026) तक, करण नाग - 08:23 ए एम तक, द्वितीय करण किंस्तुघ्न - 06:26 पी एम तक, क्षय करण बव - 04:30 ए एम (16 जून 2026) तक, सूर्य राशि वृषभ - 12:59 पी एम तक, चन्द्र राशि वृषभ - 08:40 ए एम तक, राहुकाल 07:27 ए एम से 09:09 ए एम, अभिजित मुहूर्त 12:06 पी एम से 01:00 पी एम 
राशिफल- 15 जून 2026
* वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन राशिवालों के लिए 8:23 ए एम तक उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, तुला राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
* दिन का चौघड़िया
अमृत - 05:45 से 07:27
काल - 07:27 से 09:09
शुभ - 09:09 से 10:51
रोग - 10:51 से 12:33
उद्वेग - 12:33 से 02:15
चर - 02:15 से 03:56
लाभ - 03:56 से 05:38
अमृत - 05:38 से 07:20
* रात्रि का चौघड़िया
चर - 07:20 से 08:38
रोग - 08:38 से 09:56
काल - 09:56 से 11:15
लाभ - 11:15 से 12:33
उद्वेग - 12:33 से 01:51
शुभ - 01:51 से 03:09
अमृत - 03:09 से 04:27
चर - 04:27 से 05:46 
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-