जबलपुर. ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन (एआईएसएमए) ने सोमवार 15 जून 2026 को भारतीय रेलवे के समस्त 69 डिवीजनों में अभूतपूर्व एकजुटता और अनुशासन के साथ अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर ऑन-ड्यूटी बैज लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया. यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्टेशन मास्टरों की आवाज़, उनका संकल्प और उनका अधिकार है. इसी क्रम में जबलपुर रेलवे स्टेशन स्थित डिप्टी एसएस कार्यालय में भी प्रदर्शन किया गया.
ए आर पाल, जनरल सेक्रेटरी, ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने बताया कि सभी साथियों ने एक स्वर में प्रशासन को यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब समय आ गया है इन मांगों का त्वरित और ठोस समाधान किया जाए. यदि उनक मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन और तेज किया जायेगा.
ये है स्टेशन मास्टर्स की मांगेें
1. पूरे भारतीय रेलवे में सभी रिक्त पदों को भरकर जीरो वैकेंसी सुनिश्चित की जाए.
2. अमानवीय 12 घंटे के रोस्टर को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए.
3. बिना किसी सीलिंग के सभी को नाइट ड्यूटी अलाउंस प्रदान किया जाए.
4. स्ट्रीमलाइन प्रक्रिया के तहत आईआरटी एवं आईडीटी के सभी लंबित मामलों का तुरंत निपटारा कर, स्टेशन मास्टरों को उनके इच्छित स्थानों पर नियुक्त किया जाए.
भारी तनाव में काम कर रहे हैें स्टेशन मास्टर
आंदोलित स्टेशन मास्टरों ने कहा कि यह सर्वविदित है कि भारतीय रेलवे की रीढ़ स्टेशन मास्टर आज भारी मानसिक और शारीरिक दबाव में कार्य कर रहा है. वह हर परिस्थिति में सुरक्षा और समयपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर रेलवे को चला रहा है, लेकिन इसके बदले उसे मिल रहा हैं मानसिक तनाव, अत्यधिक कार्यभार, पारिवारिक दूरी और सामाजिक अलगाव. आज स्थिति यह है कि स्टेशन मास्टर 100 प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए भी अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पा रहा है. यह केवल एक कर्मचारी की समस्या नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की चेतावनी है. यदि स्टेशन मास्टर सशक्त होगा, तभी भारतीय रेलवे सुरक्षित, समयबद्ध और सशक्त बनेगी. इसलिए एस्मा प्रशासन से आग्रह ही नहीं, बल्कि दृढ़ता से मांग करता है कि इन मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-


