अशोक मनवानी
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 21 जून को एक त्यौहार बनकर आता है। योग दिवस के अवसर पर लोग एक-दूसरे से पूछने लगे हैं कि क्या आपने योग किया? प्रमुख जनप्रतिनिधि नागरिकों को बधाई भी देते हैं। तभी तो ये दिवस कोई त्यौहार-सा लगने लगा है। वास्तव में योग स्वास्थ्य की कुंजी है।
कोविड के दौर को झेलने के बाद हम सभी आरोग्य, फिटनेस और अच्छे स्वास्थ्य का महत्व समझ चुके हैं। वैसे तो सदैव से हम सभी व्यक्तिगत स्वास्थ्य को लेकर सजग रहते हैं, लेकिन कोरोना के संकट ने तो हम सभी को इस दिशा में अधिक सजग बना दिया। योग सारी दुनिया को जोड़ता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर आज भारत की प्राचीन विधा योग पूरी दुनिया की विधा बन गयी है। योग को पूरे विश्व में जन-जन के मन में स्थापित करने के लिए श्री मोदी के प्रति हम सभी को धन्यवाद व्यक्त करना चाहिए। निश्चित ही योग और भारतीय जीवन शैली का संदेश पूरे विश्व तक पहुँचाने में भारत सफल हुआ है।
योग दिवस पर हम कुछ वर्षों से स्टेडियम, खेल मैदान आदि में सामूहिक आयोजन कर बड़ी संख्या में एकत्र होकर योग करते रहे हैं। अब ऑनलाइन सत्र लोकप्रिय हो रहे हैं। कभी जो लोग योग के प्रति उदासीन थे, अब जागरूक हो गए हैं।
आज की नई जीवन और खान-पान शैली की वजह से योग का महत्व बढ़ गया है। अब अनेक लोग शरीर की इम्यूनिटी अच्छी रखने के लिए नियमित योग कर रहे हैं। यह सत्य है कि बढ़ते जिम और योग कक्षाओं के संचालन के साथ मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए प्रयत्नशील बने रहने का संदेश मिला है। अब और भी अधिक योग लोकप्रिय होगा क्योंकि स्वस्थ शरीर से ही आप सभी धर्मों के पालन में सफल हो सकते हैं। स्वस्थ शरीर के माध्यम से व्यक्ति परिवार, समाज, राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को भली-भाँति पूर्ण कर सकता है।
मध्यप्रदेश में आयुर्वेद भारतीय चिकित्सा पद्धति का उपयोग भी बढ़ रहा है, जो महत्वपूर्ण है। इस पद्धति में योग पर भी जोर दिया गया है, जो भारत की ऐसी पारंपरिक धरोहर है जिसका महत्व अब जन-जन समझने लगा है। योग को जीवन का अनिवार्य अंग बनाने नागरिक प्रेरित हुए हैं। योग के माध्यम से उपयोगी तथा विलक्षण व्यक्तित्व का निर्माण होता है। जीवन में सक्षमता के साथ काम करने के लिये योग करना जरूरी है। योग को दिनचर्या से जोड़कर प्रतिदिन योग-प्राणायाम करना लाभप्रद सिद्ध हुआ है।
योग और प्राणायाम से शरीर में स्वाभाविक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो शरीर को स्वस्थ रखती है। योग ऐसी वैज्ञानिक पद्धति है जिससे मन प्रसन्न रहता है और मस्तिष्क पूर्ण क्षमता से कार्य करता है। योग सबके कल्याण की विधा है। योग परमात्मा से जुड़ने का माध्यम है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है। योग से शरीर स्वस्थ और मन काफी प्रसन्न रहता है। इसलिए योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है।
सरल शब्दों में कहें तो हमारा जीवन आनंद है, उत्सव है, नृत्य है और प्रसन्नता है। योग से तनाव भरे जीवन को खत्म कर आनंद से जिया जा सकता है। योग बुद्धि को भी दृढ़ और प्रखर बनाता है।
(लेखक सागर विश्वविद्यालय के योग विभाग से संबद्ध रहे हैं और नियमित योग करते हैं)
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Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-




