व्हाट्सऐप पर 79 रुपये मासिक शुल्क की चर्चा से मचा भ्रम, कंपनी ने बताया किन सुविधाओं के लिए देना होगा भुगतान

व्हाट्सऐप पर 79 रुपये मासिक शुल्क की चर्चा से मचा भ्रम, कंपनी ने बताया किन सुविधाओं के लिए देना होगा भुगतान

प्रेषित समय :17:36:42 PM / Sun, Jun 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. देश में सबसे लोकप्रिय संदेश सेवा मंचों में शामिल व्हाट्सएप को लेकर इन दिनों एक नई चर्चा तेजी से फैल रही है। सामाजिक माध्यमों और विभिन्न डिजिटल मंचों पर यह दावा किया जा रहा है कि अब व्हाट्सऐप का उपयोग करने के लिए हर महीने 79 रुपये का भुगतान करना होगा। इस खबर के सामने आने के बाद करोड़ों उपयोगकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि वास्तविकता इससे काफी अलग है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि व्हाट्सऐप की मूल सेवाएं पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क रहेंगी और 79 रुपये का शुल्क केवल एक वैकल्पिक सदस्यता योजना के लिए निर्धारित किया गया है।

व्हाट्सऐप ने भारत में पहली बार एक विशेष सशुल्क सदस्यता योजना शुरू की है, जिसका नाम ‘व्हाट्सऐप प्लस’ रखा गया है। यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्रकार के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का मासिक शुल्क 79 रुपये निर्धारित किया गया है। हालांकि नए उपयोगकर्ताओं को प्रारंभिक अवधि के लिए एक माह का निःशुल्क परीक्षण भी दिया जा रहा है।

सदस्यता योजना की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने यह मान लिया कि अब व्हाट्सऐप की सभी सेवाओं के लिए शुल्क देना अनिवार्य होगा। लेकिन कंपनी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसा नहीं है। संदेश भेजना, आवाज और वीडियो कॉल करना, स्थिति साझा करना तथा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सभी प्रमुख सुविधाएं पहले की तरह निःशुल्क उपलब्ध रहेंगी। यानी सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए व्हाट्सऐप का उपयोग करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं होगा।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार यह सदस्यता योजना मुख्य रूप से उन उपयोगकर्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो अपने संदेश मंच को अधिक व्यक्तिगत और आकर्षक रूप देना चाहते हैं। कंपनी ने इस योजना को मूल सुविधाओं के विस्तार के बजाय एक अनुकूलन पैकेज के रूप में पेश किया है। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त सजावटी और वैयक्तिकरण संबंधी विकल्प उपलब्ध कराना है।

व्हाट्सऐप प्लस के अंतर्गत उपयोगकर्ताओं को कई नए दृश्य विकल्प दिए जा रहे हैं। सदस्यता लेने वाले लोगों को 18 नए रंग संयोजन उपलब्ध होंगे, जिनकी सहायता से वे अपने व्हाट्सऐप का स्वरूप बदल सकेंगे। इसके अतिरिक्त 14 नए अनुप्रयोग चिह्न भी दिए जाएंगे, जिससे उपयोगकर्ता अपने मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देने वाले व्हाट्सऐप चिह्न को अपनी पसंद के अनुसार बदल सकेंगे।

दृश्य बदलावों के अलावा कुछ उपयोगी सुविधाएं भी इस योजना का हिस्सा बनाई गई हैं। सदस्यता लेने वाले उपयोगकर्ताओं को विशेष रिंगटोन और सूचना ध्वनियां उपलब्ध कराई जाएंगी, जो सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं होंगी। इसके साथ ही नए स्टीकर पैक भी दिए जाएंगे, जिनका उपयोग बातचीत को अधिक रोचक बनाने के लिए किया जा सकेगा।

इस योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता चैट प्रबंधन से जुड़ी हुई है। अब तक उपयोगकर्ता सीमित संख्या में ही महत्वपूर्ण चैट को शीर्ष पर स्थायी रूप से रख सकते थे, लेकिन व्हाट्सऐप प्लस के तहत यह सीमा बढ़ाकर 20 चैट तक कर दी गई है। इससे उन लोगों को सुविधा होगी जो बड़ी संख्या में संपर्कों और समूहों के साथ नियमित संवाद करते हैं।

कंपनी ने चैट सूची को व्यवस्थित करने और अनुकूलित करने के लिए कुछ अतिरिक्त नियंत्रण भी प्रदान किए हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से उपयोगकर्ता अपनी बातचीत को अधिक व्यवस्थित ढंग से देख और प्रबंधित कर सकेंगे। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने संदेश मंच को अधिक व्यक्तिगत स्वरूप देना चाहते हैं।

सदस्यता लेने की प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत सरल रखी गई है। उपयोगकर्ताओं को व्हाट्सऐप के सेटिंग अनुभाग में जाकर सदस्यता विकल्प चुनना होगा। वहां उपलब्ध व्हाट्सऐप प्लस योजना का चयन करने के बाद भुगतान प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। भुगतान संबंधित मोबाइल मंच की आधिकारिक भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। सदस्यता सक्रिय होने के बाद उपयोगकर्ता को इसकी पुष्टि संबंधी सूचना प्राप्त होगी।

हालांकि अभी यह सुविधा सभी उपयोगकर्ताओं के लिए एक साथ उपलब्ध नहीं कराई गई है। कंपनी इसे चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है। इसलिए यदि किसी उपयोगकर्ता को सदस्यता का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि सेवा उपलब्ध नहीं होगी। आने वाले दिनों में यह सुविधा अधिक खातों तक पहुंचाई जा सकती है।

डिजिटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कई तकनीकी कंपनियां मूल सेवाओं को निःशुल्क रखते हुए अतिरिक्त सुविधाओं के लिए प्रीमियम मॉडल अपना रही हैं। व्हाट्सऐप की यह नई योजना भी उसी दिशा में उठाया गया कदम मानी जा रही है। इससे कंपनी को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, जबकि सामान्य उपयोगकर्ताओं पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अधिकांश लोग व्हाट्सऐप का उपयोग केवल संदेश भेजने, कॉल करने और दैनिक संवाद के लिए करते हैं। ऐसे उपयोगकर्ताओं के लिए इस नई सदस्यता योजना की आवश्यकता सीमित हो सकती है। वहीं जो लोग अपने डिजिटल अनुभव को अधिक आकर्षक और व्यक्तिगत बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह विकल्प उपयोगी साबित हो सकता है।

फिलहाल कंपनी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि व्हाट्सऐप की मूल सेवाओं को शुल्क आधारित बनाने की कोई योजना नहीं है। इसलिए करोड़ों उपयोगकर्ताओं को संदेश भेजने, कॉल करने या सामान्य उपयोग के लिए किसी प्रकार का भुगतान नहीं करना होगा। 79 रुपये की सदस्यता केवल अतिरिक्त सुविधाओं के लिए है और इसे लेना पूरी तरह वैकल्पिक रखा गया है।

व्हाट्सऐप प्लस की शुरुआत के साथ तकनीकी जगत में यह चर्चा जरूर तेज हो गई है कि आने वाले समय में डिजिटल मंच किस प्रकार की नई सदस्यता आधारित सेवाएं लेकर आ सकते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति में सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि उनका व्हाट्सऐप पहले की तरह निःशुल्क बना रहेगा और 79 रुपये का शुल्क केवल उन लोगों के लिए है जो अतिरिक्त सुविधाओं का लाभ उठाना चाहते हैं।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-