ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है. पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव में चोरी के शक में आठ वर्षीय मासूम बालिका की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने मामले में आरोपी आमीन खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बच्ची के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार की है. घटना की क्रूरता और मासूम बच्ची के शरीर पर मिले गंभीर चोटों के निशानों ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है.
जानकारी के अनुसार बरा गांव निवासी आठ वर्षीय बालिका के पिता मजदूरी का काम करते हैं. घटना वाले दिन वह काम पर गए हुए थे. इस दौरान बच्ची आसपास के अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी. बताया जा रहा है कि खेलते-खेलते वह पड़ोस में रहने वाले आमीन खान के घर पहुंच गई. उस समय घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा हुआ था. आरोप है कि बच्ची ने ताले के साथ छेड़छाड़ कर घर के भीतर प्रवेश कर लिया.
पुलिस जांच में सामने आया है कि घर के अंदर रखी गुल्लक में मौजूद नकदी और आमीन खान की पत्नी रेशमा खान का एक सोने का पेंडेंट गायब था. जब आमीन खान घर लौटा तो उसे सामान गायब होने की जानकारी मिली. इसके बाद उसने आसपास के लोगों से पूछताछ की. बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने बच्ची का नाम लिया, जिसके बाद आमीन खान उसे अपने घर ले आया.
आरोप है कि आमीन खान ने बच्ची को घर के भीतर बंधक बना लिया और उसके हाथ-पैर बांध दिए. इसके बाद उसने कील लगे डंडे से बच्ची की बेरहमी से पिटाई की. पुलिस के अनुसार बच्ची को इतनी निर्ममता से पीटा गया कि उसके शरीर पर गंभीर चोटों के अनेक निशान मिले हैं. आरोप है कि देर रात आरोपी बच्ची को उसके घर छोड़ आया, लेकिन अगली सुबह वह मृत अवस्था में मिली.
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई. स्वजन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची का शव स्वजन को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया.
पुलिस ने मृतक बालिका के पिता की शिकायत पर आमीन खान और उसकी पत्नी रेशमा खान के खिलाफ मामला दर्ज किया. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी आमीन खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में आरोपी ने बच्ची के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार की. हालांकि उसका कहना था कि उसने बच्ची को चोरी के शक में पीटा था और उसका उद्देश्य उसकी हत्या करना नहीं था. आरोपी ने दावा किया कि उसे यह अंदाजा नहीं था कि मारपीट के कारण बच्ची की मौत हो जाएगी.
मामले की जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने घटना की भयावहता को और बढ़ा दिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार बच्ची के शरीर पर कील लगे डंडे से किए गए कम से कम 17 घावों के निशान पाए गए हैं. उसके हाथों की कलाई, पैरों के पंजों और पिंडलियों पर गंभीर चोटों के स्पष्ट निशान मिले हैं. चिकित्सकीय जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह संकेत मिला है कि बच्ची ने लंबे समय तक दर्द और यातना सही होगी.
जांच को मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने फोरेंसिक विशेषज्ञों और अंगुली छाप विशेषज्ञों की सहायता ली है. घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं ताकि न्यायालय में मजबूत प्रमाण प्रस्तुत किए जा सकें. पुलिस ने आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश का माहौल है. लोगों का कहना है कि किसी भी स्थिति में एक मासूम बच्ची के साथ इस प्रकार की बर्बरता को उचित नहीं ठहराया जा सकता. ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
पुरानी छावनी थाना प्रभारी डॉ. संतोष यादव ने बताया कि बच्ची की हत्या के मामले में आरोपी आमीन खान को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है और मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं.
बाल अधिकारों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा समाज के लिए गंभीर चेतावनी है. विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आरोप या संदेह की स्थिति में कानून को हाथ में लेने के बजाय कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए.
फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. आठ वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले को मजबूत बनाकर दोषियों को कठोर सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा. वहीं पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में प्रशासन और न्याय व्यवस्था की ओर देख रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

