वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी पर फिदा हुए आनंद महिंद्रा, कहा प्रतिभा ईश्वर का उपहार है लेकिन स्वभाव अपना चुनाव

वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी पर फिदा हुए आनंद महिंद्रा, कहा प्रतिभा ईश्वर का उपहार है लेकिन स्वभाव अपना चुनाव

प्रेषित समय :17:03:58 PM / Mon, Jun 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. महज 15 वर्ष की उम्र में अपने विस्फोटक खेल और परिपक्व व्यवहार से उन्होंने न केवल क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है, बल्कि देश के प्रमुख उद्योगपति और महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा को भी प्रभावित किया है. भारत ‘ए’ और श्रीलंका ‘ए’ के बीच त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में शानदार बल्लेबाजी करने वाले वैभव की जमकर सराहना हो रही है. आनंद महिंद्रा ने उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ दबाव की परिस्थितियों में दिखाई गई मानसिक दृढ़ता को भी उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया है.

रंगीरी डंबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया. युवा बल्लेबाज ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाया और ताबड़तोड़ रन बटोरते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. उनकी इस पारी की बदौलत भारत ‘ए’ ने श्रीलंका ‘ए’ को 66 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली.

मैच के बाद सोशल मीडिया पर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की चर्चा तेज हो गई. इसी बीच आनंद महिंद्रा ने अपने सामाजिक माध्यम मंच पर एक पोस्ट साझा कर युवा खिलाड़ी की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने लिखा कि केवल तेज अर्धशतक बनाना ही बड़ी उपलब्धि नहीं है, बल्कि उससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी दबाव और विवाद की स्थिति में खुद को कैसे संभालता है.

आनंद महिंद्रा ने अपने संदेश में कहा कि 11 गेंदों में अर्धशतक बनाना अविश्वसनीय उपलब्धि है, लेकिन उनके लिए इससे भी अधिक प्रशंसनीय तथ्य यह है कि पिछले मुकाबले में मैदान पर हुए विवाद को वैभव ने अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया. उन्होंने लिखा कि वैभव आसानी से उस विवाद का बोझ अपने साथ लेकर मैदान में उतर सकते थे, लेकिन उन्होंने अपने बल्ले को जवाब देने का माध्यम बनाया. प्रतिभा एक उपहार हो सकती है, लेकिन स्वभाव और संयम व्यक्ति का अपना चुनाव होता है और यही गुण उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा बनाएगा.

दरअसल फाइनल से पहले 15 जून को भारत ‘ए’ और श्रीलंका ‘ए’ के बीच खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी. उस मैच में भारत ‘ए’ को सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा था. जीत के बाद कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ियों द्वारा की गई टिप्पणियों के कारण मैदान पर विवाद खड़ा हो गया था. इसी दौरान श्रीलंका के खिलाड़ी विशोन हलांबागे और वैभव सूर्यवंशी के बीच तीखी बहस हुई थी, जो धक्का-मुक्की तक पहुंच गई थी.

मैच रेफरी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दोनों खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी. विवाद के बाद दोनों की मैच फीस का 50 प्रतिशत हिस्सा काट लिया गया था. इस घटना के बाद क्रिकेट जगत में वैभव के व्यवहार और प्रतिक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई थी.

हालांकि युवा बल्लेबाज ने मैदान के बाहर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया देने के बजाय अपने प्रदर्शन से जवाब देने का रास्ता चुना. फाइनल मुकाबले में उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली और पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की. उनकी पारी ने न केवल टीम को जीत दिलाई, बल्कि आलोचकों और विरोधियों को भी करारा जवाब दिया.

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी विशेषता केवल उनकी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि कम उम्र में दिखाई देने वाली मानसिक परिपक्वता है. जिस तरह उन्होंने विवाद को पीछे छोड़कर अपना ध्यान खेल पर केंद्रित रखा, वह किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है.

भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों से कई युवा प्रतिभाएं सामने आई हैं, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने जिस तेजी से अपनी पहचान बनाई है, उसने चयनकर्ताओं और प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली, निडर दृष्टिकोण और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें विशेष बनाती है.

भारत ‘ए’ की इस खिताबी जीत के बाद वैभव सूर्यवंशी का नाम देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. क्रिकेट प्रेमी उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा मान रहे हैं, जबकि अनुभवी खिलाड़ी और उद्योग जगत की हस्तियां भी उनकी प्रतिभा की सराहना कर रही हैं. आनंद महिंद्रा की प्रशंसा ने इस युवा बल्लेबाज की उपलब्धि को और अधिक विशेष बना दिया है.

फाइनल में बल्ले से दिया गया यह जवाब केवल एक शानदार पारी नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि खेल में असली ताकत केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और मानसिक मजबूती भी होती है. वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से यही साबित किया है और इसी कारण वे भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा चेहरों में शामिल हो चुके हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-