जबलपुर के बरगी बांध में बचा सिर्फ 13 फीसदी पानी, नर्मदा घाटों पर दिखने लगीं चट्टानें

जबलपुर के बरगी बांध में बचा सिर्फ 13 फीसदी पानी, नर्मदा घाटों पर दिखने लगीं चट्टानें

प्रेषित समय :16:03:13 PM / Tue, Jun 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर स्थित बरगी बांध में जलस्तर लगातार घट रहा है. हालात यह हैं कि बांध में अब लगभग 13 प्रतिशत पानी ही बचा है. अगर जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पीने के पानी को लेकर संकट खड़ा हो सकता है. पानी की कमी का असर नर्मदा नदी पर भी दिखाई देने लगा है. कई घाटों पर चट्टानें नजर आने लगी हैं और नदी का बहाव कम होने से पानी गंदा भी होने लगा है.

नर्मदा मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाती है. इससे जबलपुर सहित कई शहरों और गांवों में जलापूर्ति होती है. कमजोर मानसून के चलते इस बार बरगी बांध और नर्मदा नदी की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है. बरगी बांध की समुद्र तल से ऊंचाई 402 मीटर से शुरू होकर 422.75 मीटर तक है. बांध में 21 मीटर तक पानी का भराव हो सकता है. बरगी बांध परियोजना के अधिकारी शैलेंद्र राठौर के अनुसार वर्तमान में बांध का जलस्तर 407.65 मीटर है. यानी बांध में अब करीब 5 मीटर पानी ही बचा है, जबकि बरसात के मौसम में जलस्तर 422.75 मीटर तक पहुंच गया था.

बरगी बांध की अधिकतम जलभराव क्षमता, 422.75 मीटर
कुल जलभराव क्षमता: करीब 21 मीटर
वर्तमान जलस्तर: 407.65 मीटर
अब शेष पानी: करीब 5 मीटर
बरसात के समय जलस्तर: 422.75 मीटर तक पहुंचा था

सीमित समय के लिए चलाई जा रही बिजली इकाई-

बरगी बांध से नर्मदा नदी में पानी बिजली संयंत्र के जरिए छोड़ा जाता है. लेकिन बिजली संयंत्र की एक इकाई मेंटेनेंस के कारण बंद है और दूसरी इकाई भी पानी की कमी के चलते सीमित समय के लिए चलाई जा रही है. इसका सीधा असर नर्मदा नदी के जल प्रवाह पर पड़ा है. अधिकारियों के मुताबिक तीन साल पहले भी ऐसी स्थिति बनी थी. वर्ष 2025 में इसी समय बरगी बांध का जलस्तर 409.95 मीटर था, जबकि इस साल यह घटकर 407.65 मीटर रह गया है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मानसून सक्रिय होने पर केवल दो दिन में जलस्तर 410 मीटर तक पहुंच सकता है.

बरगी बांध की बाईं तट नहर खोल दी गई-

गर्मी के मौसम में किसानों की मांग को देखते हुए मंगलवार सुबह से बरगी बांध की बाईं तट नहर खोल दी गई है. इससे करीब 10 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. यह मुख्य नहर लगभग 137 किलोमीटर लंबी है और करीब 1.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की क्षमता रखती है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-