जबलपुर. दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कौरव का मंगलवार को जबलपुर आगमन भावनात्मक स्मृतियों से भरा रहा. हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय परिसर और जबलपुर बार से उनका संबंध केवल पेशेवर नहीं बल्कि आत्मीय और पारिवारिक है. यहां लौटकर उन्हें ऐसा अनुभव हुआ मानो वे अपने घर वापस आ गए हों.
सिल्वर जुबली हॉल में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, बार पदाधिकारी और वरिष्ठ विधि विशेषज्ञ उपस्थित रहे. इस अवसर पर न्यायमूर्ति कौरव ने अपने अधिवक्ता जीवन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जबलपुर बार ने उन्हें न केवल विधिक ज्ञान दिया, बल्कि सार्वजनिक जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी प्रदान किया. उन्होंने कहा कि यहां के अधिवक्ताओं के साथ बना विश्वास और स्नेह का संबंध जीवनभर कायम रहेगा.
कार्यक्रम के दौरान हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन की ओर से उनका सम्मान किया गया तथा स्मृति-चिह्न भेंट किया गया. बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उनके न्यायिक योगदान और विधि क्षेत्र में दी गई सेवाओं की सराहना की. समारोह में उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी न्यायमूर्ति कौरव के साथ अपने पुराने अनुभव साझा किए.
इससे पूर्व न्यायमूर्ति कौरव ने उच्च न्यायालय परिसर स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया तथा एडवोकेट्स बार में पहुंचकर अधिवक्ताओं से अनौपचारिक मुलाकात की. वर्ष 2001 में जबलपुर से वकालत की शुरुआत करने वाले न्यायमूर्ति कौरव उप महाधिवक्ता, अतिरिक्त महाधिवक्ता और महाधिवक्ता जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं. वर्ष 2021 में उन्हें मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था, जबकि वर्ष 2022 में उनका स्थानांतरण दिल्ली उच्च न्यायालय में हुआ. उनके आगमन ने जबलपुर के विधि समुदाय में आत्मीयता और उत्साह का माहौल बना दिया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

