जबलपुर में अब किसान भी कर रहे स्मार्ट मीटर का विरोध, बोले अब यूनिट में आएगा बिजली का बिल, हम खेती करते है उद्योग नहीं चलाते

जबलपुर में अब किसान भी कर रहे स्मार्ट मीटर का विरोध, बोले अब यूनिट में आएगा बिजली का बिल, हम खेती करते है उद्योग नहीं चलाते

प्रेषित समय :07:57:00 AM / Thu, Jun 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी की नई व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। अप्रैल 2026 से शुरू हुई योजना के तहत जबलपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले किसानों के खेतों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और अब बिजली का बिल खपत के आधार पर वसूला जा रहा है।
                                     किसानों का आरोप है कि पहले जहां उन्हें साल में दो बार एकमुश्त राशि जमा करनी पड़ती थी, वहीं अब हर महीने हजारों रुपए के बिल भेजे जा रहे हैं। किसानों ने इस फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि खेती को उद्योग की तरह मानकर बिजली बिल वसूलना अन्याय है। पाटन तहसील के किसान का कहना है कि अप्रैल में उनके खेत में स्मार्ट मीटर लगाया गया। शुरुआत में उन्हें 4 हजार रुपए का बिल मिला। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि व्यवस्था बाद में ठीक हो जाएगी, लेकिन बिल लगातार बढ़ता गया। कुछ दिन पहले जब किसान ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत लेकर बिजली कार्यालय पहुंचे, तब कई किसानों को 17 हजार से 33 हजार रुपए तक के बिजली बिल थमा दिए गए। इससे किसानों में नाराजगी फैल गई। यदि हर महीने इसी तरह बिल आया तो सालभर में लाखों रुपए बिजली पर खर्च करने पड़ेंगे, जिससे खेती करना मुश्किल हो जाएगा। किसानों का कहना है कि वे खेती करते हैं, कोई उद्योग नहीं चलाते। उन्हें केवल सिंचाई के समय बिजली की जरूरत होती है, जबकि विभाग 24 घंटे बिजली आपूर्ति का तर्क देकर मीटर आधारित बिल वसूल रहा है। तहसील सीमा से कुछ दूरी पर स्थित किसानों के लिए पुरानी व्यवस्था लागू है, लेकिन शहरी क्षेत्र में आने वाले किसानों को जबरन स्मार्ट मीटर योजना में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेती के लिए पहले जो निर्धारित दर थी, किसान वही भुगतान करने को तैयार हैं।
मीटर लगे और कुछ दिनों में ही खराब हो गए-
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कई जगह लगाए गए स्मार्ट मीटर कुछ ही दिनों में खराब हो गए। पाटन क्षेत्र में कुछ मीटर जलने की शिकायत भी सामने आई है। किसानों का कहना है कि विभाग ने खराब मीटर हटाए जरूर हैं, लेकिन नई व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। विभाग का दावा है कि पहले शहरों में और अब तहसील क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
आंदोलन की तैयारी में किसान-
बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि सरकार और बिजली विभाग ने व्यवस्था में बदलाव नहीं किया तो वे संगठित होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। किसानों का आरोप है कि नई व्यवस्था खेती की लागत बढ़ाकर उन्हें खेती छोडऩे पर मजबूर कर सकती है।
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-