ग्वालियर. रिश्तों की नींव विश्वास, सम्मान और अपनत्व पर टिकी होती है, लेकिन जब संपत्ति की चाह रिश्तों पर भारी पड़ जाए तो परिवार ही सबसे असुरक्षित स्थान बन जाता है. ग्वालियर से सामने आया ऐसा ही एक मामला समाज को झकझोर देने वाला है, जहां जिस मां ने वर्षों पहले पुत्र प्राप्ति के लिए मन्नतें मांगी थीं, उसी बेटे पर बुढ़ापे में अपनी मां को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है. इतना ही नहीं, जब वृद्धा की बेटी अपनी मां को बचाने के लिए आगे आई तो उसके साथ भी मारपीट की गई. घटना के बाद पुलिस ने मां-बेटी की शिकायत पर आरोपी बेटे और उसके पुत्र के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
यह पूरा मामला ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित नारायण विहार, गल्ला मंडी गेट के पास का है. यहां रहने वाली 65 वर्षीय छाया सिकरवार ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उनका बेटा भारत सिकरवार और नाती अनुराग सिकरवार पिछले कई महीनों से उन पर मकान और संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बना रहे थे. वृद्धा का आरोप है कि जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो दोनों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और विवाद बढ़ने पर मारपीट कर दी.
पीड़िता के अनुसार संपत्ति के बंटवारे को लेकर घर में लंबे समय से विवाद चल रहा था. आरोपित लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और पूरे मकान पर अपना अधिकार चाहते थे. कई बार परिवार के अन्य सदस्यों ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. आखिरकार विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी बेटे और उसके पुत्र ने अपनी ही मां पर हाथ उठा दिया.
घटना के दौरान जब वृद्धा की बेटी अपनी मां को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंची तो आरोप है कि दोनों आरोपितों ने उसके साथ भी मारपीट की. मां-बेटी की चीख-पुकार सुनकर आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंचे. पड़ोसियों को आता देख आरोपी वहां से फरार हो गए. इसके बाद घायल वृद्धा को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया.
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपित केवल मारपीट तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्हें लगातार धमकियां भी दे रहे हैं. उनका कहना है कि यदि उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. आरोपितों ने कथित रूप से यह तक धमकी दी कि रात में सोते समय जान से मार देंगे. इन धमकियों के कारण पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता और उसकी बेटी पुलिस के पास पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी बेटे भारत सिकरवार और नाती अनुराग सिकरवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
गोला का मंदिर थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संपत्ति को लेकर परिवार के भीतर लंबे समय से विवाद चल रहा था. शिकायत मिलने के बाद तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि यदि जांच में धमकी और लगातार प्रताड़ना के आरोप भी प्रमाणित होते हैं तो उनके अनुरूप अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जाएंगी.
यह घटना केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि बुजुर्गों के साथ बढ़ते अत्याचार की गंभीर तस्वीर भी प्रस्तुत करती है. जिन माता-पिता ने अपने बच्चों के पालन-पोषण में पूरी जिंदगी लगा दी, वही वृद्धावस्था में कई बार संपत्ति और आर्थिक हितों के कारण प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं. सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार के भीतर संवाद की कमी, संपत्ति को लेकर लालच और संवेदनाओं का क्षरण प्रमुख कारण बन रहे हैं.
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई संतान अपने माता-पिता के साथ मारपीट, धमकी या प्रताड़ना करती है तो उसके विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों से जुड़े प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है. सरकार ने बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए कई कानूनी प्रावधान बनाए हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन उपलब्ध कराना है.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. आरोपितों की तलाश जारी है और पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा. वहीं इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि माता-पिता अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं, तो समाज को बुजुर्गों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए और अधिक संवेदनशील तथा सजग होने की आवश्यकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

