19 साल बताकर दर्ज कराई गुमशुदगी, बरामदगी के बाद खुली बाल विवाह की सच्चाई, हाईकोर्ट ने दिए आदेश

19 साल बताकर दर्ज कराई गुमशुदगी, बरामदगी के बाद खुली बाल विवाह की सच्चाई, हाईकोर्ट ने दिए आदेश

प्रेषित समय :19:22:15 PM / Sun, Jun 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ग्वालियर. गुमशुदगी के एक मामले की जांच के दौरान ऐसा खुलासा हुआ जिसने पुलिस और न्यायालय दोनों को हैरान कर दिया. पिता ने अपनी बेटी की उम्र 19 वर्ष बताते हुए उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन जब पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर से बरामद कर न्यायालय में पेश किया तो दस्तावेजों से पता चला कि युवती नाबालिग है. मामले में यह भी सामने आया कि उसका बाल विवाह कराया गया था. खुलासे के बाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल विवाह कराने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं.

जानकारी के अनुसार बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सागरताल स्थित सरकारी मल्टी निवासी एक व्यक्ति ने 12 जून को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 19 वर्षीय बेटी लापता हो गई है. पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की. जांच के दौरान पता चला कि किशन खटीक नामक युवक उसे अपने साथ उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर ले गया है. पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी किशन खटीक को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया.

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब बरामद युवती को न्यायालय में उसके शैक्षणिक दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों के साथ प्रस्तुत किया गया. दस्तावेजों की जांच में स्पष्ट हुआ कि युवती बालिग नहीं, बल्कि नाबालिग है. इसके साथ ही यह तथ्य भी सामने आया कि उसका विवाह बालिग होने से पहले ही करा दिया गया था. इस खुलासे के बाद न्यायालय ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए बाल विवाह कराने वाले सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुमशुदगी दर्ज कराते समय पिता ने स्वयं बेटी की उम्र 19 वर्ष बताई थी, इसलिए प्रारंभिक जांच उसी आधार पर आगे बढ़ाई गई. बाद में जब वास्तविक आयु सामने आई तो मामले का स्वरूप पूरी तरह बदल गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बाल विवाह में किन-किन लोगों की भूमिका रही और किन व्यक्तियों ने इस अवैध कार्य में सहयोग किया.

थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार ने बताया कि पिता द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी दायर की गई थी, जिसके चलते पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए युवती को बरामद किया. उन्होंने कहा कि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है तथा बाल विवाह से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है. न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

इस मामले ने एक बार फिर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-