20 हजार के इंस्टेंट लोन के झांसे में कारोबारी से 8.91 लाख की साइबर ठगी, AI वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

20 हजार के इंस्टेंट लोन के झांसे में कारोबारी से 8.91 लाख की साइबर ठगी, AI वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

प्रेषित समय :20:15:09 PM / Thu, Jul 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ग्वालियर. मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 20 हजार रुपये के इंस्टेंट ऑनलाइन लोन का झांसा एक कारोबारी को इतना भारी पड़ा कि साइबर ठगों ने उससे 8.91 लाख रुपये की ठगी कर ली. ठगों ने पहले मोबाइल में कई लोन एप डाउनलोड कराकर पूरा डेटा अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद एआई तकनीक की मदद से कारोबारी की तस्वीरों से अश्लील वीडियो तैयार किए और उन्हें रिश्तेदारों को भेजने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल करते रहे. परेशान होकर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जनकगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

जनकगंज थाना क्षेत्र के जीवाजीगंज स्थित गेंडे वाली सड़क निवासी 38 वर्षीय शफीक खान पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का कारोबार करते हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 फरवरी को दुकान पर बैठे होने के दौरान उनके व्हाट्सएप पर दो अलग-अलग अज्ञात नंबरों से कॉल आए. कॉल करने वालों ने उन्हें तुरंत 20 हजार रुपये का ऑनलाइन लोन देने का प्रस्ताव दिया.

पैसों की जरूरत होने के कारण शफीक ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. इसके बाद उनके मोबाइल पर भेजे गए एक लिंक पर क्लिक करते ही एक लोन एप डाउनलोड हो गया और कुछ ही देर में उनके खाते में नौ हजार रुपये आ गए. बाद में शेष राशि देने के नाम पर ठगों ने उनके मोबाइल में एक के बाद एक कुल नौ अलग-अलग लोन एप डाउनलोड करा दिए. इन एप्स के जरिए उनके खाते में कुल 33 हजार रुपये जमा कर दिए गए.

शफीक ने निर्धारित समय के भीतर उधार ली गई रकम ब्याज सहित ऑनलाइन लौटा दी, लेकिन इसके बाद भी ठग लगातार अलग-अलग शुल्क और ब्याज जोड़कर अतिरिक्त रकम की मांग करते रहे. इस दौरान डाउनलोड किए गए एप्स के माध्यम से साइबर अपराधियों ने मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी, लोकेशन और अन्य निजी जानकारी तक पूरी पहुंच हासिल कर ली.

जांच में सामने आया कि ठगों ने मोबाइल गैलरी में मौजूद तस्वीरों का इस्तेमाल कर एआई तकनीक से अश्लील फोटो और वीडियो तैयार किए. इसके बाद उन्होंने इन्हें कारोबारी के रिश्तेदारों और परिचितों को भेजने की धमकी दी. इतना ही नहीं, कुछ लोगों को वीडियो भेजकर दबाव भी बनाया. सामाजिक बदनामी के डर से शफीक लगातार रकम भेजते रहे और इस तरह उनसे कुल 8.91 लाख रुपये ठग लिए गए. जब ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी तो उन्होंने साइबर हेल्पलाइन से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस के अनुसार ठगों ने पीड़ित के मोबाइल में ईजी लोन, डेली लोन, जूम कैश, क्विक रूपी, फा वॉलेट, फ्लेक्सी लोन, मैक्स लोन, यू क्रेडिट और टाइमपरशे सहित कई संदिग्ध लोन एप इंस्टॉल कराए थे. इन्हीं एप्स के जरिए मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल कर साइबर अपराध को अंजाम दिया गया.

जनकगंज थाना पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच में जुटी है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपित किस गिरोह से जुड़े हैं और ठगी की रकम किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बिना सत्यापन के लोन एप डाउनलोड न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-