जयपुर. राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क की फंडिंग करने के आरोप में महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से इस नेटवर्क के संपर्क में था और अपने साथ-साथ अन्य लोगों के नाम पर खुलवाए गए बैंक खातों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों तक धन पहुंचाने का काम कर रहा था. आरोपी की गिरफ्तारी को सीमा पार संचालित कथित जासूसी नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.
राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस की जांच में सामने आया है कि रफीक चांद शेख सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध हैंडलर्स के संपर्क में आया था. प्रारंभिक जांच के अनुसार उसने अपने और अन्य व्यक्तियों के नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए, जिनका उपयोग कथित तौर पर नेटवर्क से जुड़े लोगों तक धन पहुंचाने के लिए किया जाता था. जांच एजेंसियां अब इन बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन, धन के स्रोत और लाभार्थियों की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं.
अधिकारियों के अनुसार आरोपी पिछले चार वर्षों से इस गतिविधि में सक्रिय था. वह औरंगाबाद में मुर्गी फार्म का संचालन करता था और इसी कारोबार की आड़ में अपनी संदिग्ध गतिविधियों को छिपाने का प्रयास कर रहा था. जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी ने सामान्य कारोबारी गतिविधियों का इस्तेमाल अपने वित्तीय लेनदेन को संदेह से दूर रखने के लिए किया.
यह गिरफ्तारी इसी वर्ष जनवरी में सामने आए दो महत्वपूर्ण मामलों की जांच के दौरान हुई प्रगति का परिणाम बताई जा रही है. राजस्थान सीआईडी ने जनवरी 2026 में जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात सुमित कुमार को गिरफ्तार किया था. दोनों पर संवेदनशील सूचनाएं लीक करने के आरोप लगे थे. इन्हीं मामलों की जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन की कड़ियां खंगालते हुए रफीक चांद शेख का नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. अब राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस की टीम औरंगाबाद पहुंचकर आरोपी के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और उससे जुड़े अन्य लोगों की गहन जांच कर रही है. अधिकारियों को आशंका है कि पूछताछ के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और फंडिंग के नए स्रोतों का भी खुलासा हो सकता है.
जांच एजेंसियां पूरे मामले की फाइनेंशियल ट्रेल की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि बैंक खातों में धन कहां से आया, किन खातों में भेजा गया और उसका अंतिम उपयोग किस उद्देश्य से किया गया. साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्थापित संपर्कों की भी जांच की जा रही है.
राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस का मानना है कि यह कार्रवाई सीमा पार संचालित कथित जासूसी नेटवर्क की आर्थिक श्रृंखला को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले में जांच अभी जारी है और एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल व वित्तीय साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पहचान कर उससे जुड़े सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच में जुटी हुई हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

