जबलपुर. लगभग 35 वर्षों तक मध्यप्रदेश पुलिस में अपनी सेवाएं देने के बाद जबलपुर निवासी एसडीओपी देवी सिंह ठाकुर गुरुवार को दमोह से सेवानिवृत्त हो गए. वर्तमान में दमोह में पदस्थ श्री ठाकुर को न्यू पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित गरिमामय समारोह में भावभीनी विदाई दी गई. इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ एवं सुखद जीवन की शुभकामनाएं दीं.
जबलपुर से गहरा जुड़ाव रखने वाले देवी सिंह ठाकुर का पुलिस सेवा का लंबा कार्यकाल अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के लिए जाना जाता है. उन्होंने अपने लगभग 35 वर्षों के सेवाकाल में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां निभाईं. जबलपुर शहर में भी वे लंबे समय तक विभिन्न पदों पर पदस्थ रहे, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आमजन से बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
श्री ठाकुर जबलपुर जिले की पाटन अनुविभाग में भी एसडीओपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उनके कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, पुलिस और जनता के बीच विश्वास कायम करने तथा संवेदनशील मामलों के प्रभावी निराकरण को लेकर उनकी कार्यशैली की सराहना की जाती रही.
दमोह में आयोजित विदाई समारोह के दौरान श्रीदेवी सिंह ठाकुर ने अपने लंबे सेवाकाल की यादें साझा करते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक नौकरी नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति सेवा का माध्यम है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पूरे सेवाकाल में जनता, वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगी कर्मचारियों का भरपूर सहयोग मिला, जिसे वह जीवन भर याद रखेंगे.
समारोह में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने कहा कि श्री ठाकुर ने पूरी ईमानदारी, निष्ठा और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया. उनका अनुभव और कार्यशैली विभाग के युवा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगी. उन्होंने कहा कि वर्दी से सेवानिवृत्ति हो सकती है, लेकिन सेवा और समर्पण की भावना जीवनभर बनी रहती है.
इस अवसर पर एएसआई दिनेश गोस्वामी, एएसआई राजेंद्र दुबे, प्रधान आरक्षक अरविंद तिवारी और प्रधान आरक्षक नर्मदा पटेल को भी सेवानिवृत्ति पर सम्मानित किया गया. समारोह में सीएसपी आर. पांडे, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष कुमार, सूबेदार अभिनय साहू, आकांक्षा जोशी, उप निरीक्षक सविता रजक सहित पुलिस विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.
करीब साढ़े तीन दशक तक मध्यप्रदेश पुलिस की सेवा करने के बाद श्री ठाकुर की सेवानिवृत्ति र पुलिस परिवार और उन्हें करीब से जानने वाले लोगों के लिए भावुक पल रही. अपने शांत स्वभाव, प्रशासनिक दक्षता और जनहितकारी कार्यशैली के कारण वे पुलिस महकमे में एक सम्मानित अधिकारी के रूप में पहचाने जाते रहे हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

