पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक पर गड्ढों के आरोपों के बीच फडणवीस का दावा केवल दो गड्ढे हैं!

पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक पर गड्ढों के आरोपों के बीच फडणवीस का दावा केवल दो गड्ढे हैं!

प्रेषित समय :17:17:28 PM / Sat, Jul 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्टिंग लिंक पर मानसून के दौरान सड़क खराब होने और गड्ढे बनने के आरोपों के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परियोजना का बचाव करते हुए कहा है कि पूरी सड़क पर केवल दो गड्ढे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताते हुए कहा कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर गलत धारणा बनाई जा रही है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि कहीं वास्तविक तकनीकी कमी पाई जाती है तो उसकी जांच कर उसे तत्काल दूर किया जाएगा.

शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) और पुणे-नासिक क्षेत्र के लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की. उन्होंने नागरिकों से भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और राज्य सरकार की ओर से जारी मौसम संबंधी सभी आधिकारिक चेतावनियों और सलाह का पालन करने को कहा ताकि बारिश और आंधी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके.

आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 6 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश, गरज-चमक और सामान्य से अधिक वर्षा होने का पूर्वानुमान जारी किया है. इसी को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रत्येक तीन घंटे में एसएमएस के माध्यम से लोगों तक मौसम संबंधी अलर्ट पहुंचा रही है और विभिन्न माध्यमों से लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है.

फडणवीस ने स्पष्ट किया कि पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्टिंग लिंक पर व्यापक स्तर पर गड्ढे बनने के दावे सही नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सड़क पर केवल दो स्थानों पर गड्ढे पाए गए हैं और इसे पूरी परियोजना की विफलता के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि कई लोग निर्माण प्रक्रिया को समझे बिना सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी साझा कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है.

मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि नई सड़कों और फ्लाईओवरों की वास्तविक मजबूती का परीक्षण मानसून के दौरान होता है. इस अवधि में यदि कहीं कोई तकनीकी कमी सामने आती है तो बारिश समाप्त होने के बाद अंतिम परत बिछाने से पहले उसे ठीक किया जाता है. उन्होंने बताया कि नए फ्लाईओवरों पर डाली जाने वाली मैस्टिक डामर की परत को पूरी तरह स्थिर होने में कुछ समय लगता है और यह सामान्य इंजीनियरिंग प्रक्रिया का हिस्सा है.

उन्होंने कहा कि सरकार रचनात्मक आलोचना का स्वागत करती है और यदि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से किसी वास्तविक समस्या की जानकारी मिलती है तो उसकी जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे. फडणवीस ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) की सराहना करते हुए कहा कि इस परियोजना में देश के सबसे बड़े पुलों में शामिल संरचनाएं बनाई गई हैं तथा भारत की पहली ऐसी सुरंग भी तैयार की गई है, जो एक बांध के नीचे से गुजरती है. उन्होंने कहा कि ऐसी इंजीनियरिंग उपलब्धियों की भी सराहना होनी चाहिए, साथ ही जहां कमियां हों उन्हें दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है.

इस बीच मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. आईएमडी ने मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी है. बीते 24 घंटों के दौरान शहर के कई हिस्सों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई. वहीं ठाणे और पालघर जिलों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-