पद्म विभूषण, पद्मश्री पंडवानी गायिका तीजन बाई का रायपुर में निधन, 13 की उम्र में पहली बार मंच पर आईं

पद्म विभूषण, पद्मश्री पंडवानी गायिका तीजन बाई का रायपुर में निधन, 13 की उम्र में पहली बार मंच पर आईं

प्रेषित समय :11:26:42 AM / Sun, Jul 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रायपुर. छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का शनिवार की देर रात निधन हो गया. वे 70 साल की थीं. उन्होंने रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली. वे पिछले कुछ समय से बीमार थीं.

तीजन बाई ने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली अभिनय और अनोखी प्रस्तुति शैली से पंडवानी को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक में नई पहचान दिलाई. महाभारत की कथाओं को सुनाने की प्रेरणा उन्हें नाना से मिली थी. भारतीय लोक कला में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. आज पैतृक गांव गनियारी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई के निधन पर शोक जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में पहचान दिलाई. उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि पंडवानी के जरिए उन्होंने देश-विदेश में राज्य का नाम रोशन किया.

पीएम मोदी ने खुद फोन लगाकर स्वास्थ्य की जानकारी ली थी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी. 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने तीजन बाई की बहू वेणु देशमुख को फोन लगाकर उनका हालचाल पूछा था. बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने चिंता जताई थी और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था. वेणु ने बताया, प्रधानमंत्री ने तबीयत पर अफसोस जताते हुए कहा था कि उनका ध्यान रखिए. अगर किसी भी चीज की जरूरत हो तो सीधे मुझसे संपर्क कीजिए. तीजन बाई जी छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की धरोहर हैं.

नाना को सुनकर गाने के प्रति लगाव बढ़ा

तीजन बाई का जन्म 24 अप्रैल 1956 को भिलाई के गनियारी गांव में हुआ था. वे पारधी समुदाय से थीं. देश-विदेश में पंडवानी लोक गायिकी को पहचान दिलाने वाली तीजन की जिंदगी का सफर आसान नहीं रहा. इसी गायिकी की वजह से उन्हें समाज ने बेदखल कर दिया था. समाज से निकाले जाने के बाद भी उन्होंने गाना नहीं छोड़ा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-