राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान- ईरान के साथ अमेरिका का सीज फायर खत्म, तनाव बढ़ा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान- ईरान के साथ अमेरिका का सीज फायर खत्म, तनाव बढ़ा

प्रेषित समय :15:24:14 PM / Wed, Jul 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

वाशिंगटन. अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में ऐलान कर दिया है कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है. नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने ईरान पर समझौते से मुकरने का आरोप लगाया और कहा कि अब तेहरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी है.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- मुझे लगता है कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब खत्म हो चुका है. उनके साथ बातचीत करना सिर्फ समय बर्बाद करना है. उन्होंने ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तेहरान ने समझौते की शर्तों का सम्मान नहीं किया.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे झूठे हैं. हमने एक समझौता किया था. उस पर सभी सहमत थे. साफ तय हुआ था कि परमाणु हथियार नहीं होंगे. लेकिन समझौते के बाद वे बाहर जाकर मीडिया से कहते रहे कि इस मुद्दे पर हमारी कभी कोई बातचीत ही नहीं हुई. उनके साथ कुछ न कुछ गड़बड़ है. वे पूरी तरह सनक चुके हैं.

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव फिर तेजी से बढ़ गया है. ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान का कहना है कि ये हमले उसके होर्मोजग़ान प्रांत और महशहर बंदरगाह पर हुई अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में किए गए. ईरानी दावों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया. बहरीन और कुवैत में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजने लगे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई. दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र को तत्काल सक्रिय कर दिया गया.

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में एक अस्थायी समझौता हुआ था, जिसके तहत संघर्ष रोकने और परमाणु कार्यक्रम समेत कई विवादित मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी. हालांकि अब ट्रंप के ताजा बयान से साफ हो गया है कि वॉशिंगटन इस समझौते को समाप्त मान रहा है.

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की घोषणा के बाद पश्चिम एशिया में हालात और गंभीर हो सकते हैं. पहले से ही मिसाइल हमलों, ड्रोन हमलों और समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. ऐसे में यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई फिर तेज होती है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है.

ट्रंप के इस ऐलान ने एक बार फिर संकेत दे दिए हैं कि अमेरिका और ईरान के रिश्तों में तनाव कम होने के बजाय और बढऩे की आशंका है. ऐसे में अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत की कोई नई कोशिश होगी या फिर पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ेगा
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-