जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल के सात और कर्मचारी चिकित्सा क्षतिपूर्ति फर्जीवाड़े में निलंबित किए गए हैं. इस मामले में अब तक कुल 10 कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है. विभाग ने रिकवरी की कार्रवाई भी शुरू कर दी है. दावा राशि से अधिक भुगतान का यह खेल आपसी साठगांठ से चल रहा भत्ता था. माना जा रहा है कि इस गोरखधंधे में एक अफसर की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
हाल ही में जिन सात कर्मियों को निलंबित किया गया है, वह सभी टेक्नीशियन हैं और वर्तमान में भोपाल रेल मंडल के अंतर्गत पदस्थ हैं. चिकित्सा क्षतिपूर्ति में धांधली का पर्दाफाश न्यू कटनी जंक्शन (एनकेजे) में पदस्थ कर्मचारी की शिकायत से हुआ. उसके वेतन खाते में अचानक लगभग पांच लाख रुपये आ गए थे. वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वरुण कुमार चतुर्वेदी ने न्यू कटनी जंक्शन के इलेक्ट्रानिक लोको शेड में पदस्थ कुछ अन्य कर्मियों के वेतन-भत्ता रिकार्ड खंगाला तो पता चला कि ऐसे अनियमित भुगतान कुछ अन्य कर्मियों को किए गए हैं.
ये कर्मचारी किए गए निलंबित
जागेंद्र कुमार श्रीवास, अतुल राजमान लोटन, राजा भैया तिवारी, विनोद कुमार तिवारी, सुरेखा कौरव, अमित कच्ची, बृजेश कुमार पासी. इन पर पहले हो चुकी है कार्रवाई- लेखा विभाग के वरिष्ठ लेखा सहायक रामेश्वर अग्रवाल, कार्मिक विभाग के कार्यालय अधीक्षक मयंक श्रीवास्तव व अतुल कुमार जोहरे.
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