जबलपुर. वर्षा ऋतु के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम ने शहर में जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देश पर नगर निगम की भवन एवं अतिक्रमण शाखा ने विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऐसे भवनों को चिन्हित कर आवश्यक कदम उठाए. नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में जर्जर भवनों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए समय रहते कार्रवाई कर जनहानि की आशंका को कम करने का प्रयास किया जा रहा है.
नगर निगम के अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह चौहान और सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में निगम की टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण किया. इस दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड के अंतर्गत पिसनहारी की मढ़िया क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत जर्जर भवन पर कार्रवाई की गई. निरीक्षण के दौरान भवन स्वामी ने निगम अधिकारियों को स्वयं अपने स्तर पर भवन के रिक्त और खतरनाक हिस्से को हटाने का आश्वासन दिया. इसे देखते हुए अधिकारियों ने संवेदनशीलता और नियमों का पालन करते हुए भवन स्वामी को तीन दिन के भीतर जर्जर हिस्से को सुरक्षित तरीके से हटाने का समय दिया. निगम ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन स्वयं भवन को हटाने की कार्रवाई करेगा.
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो. मौके पर नगर निगम के भवन एवं अतिक्रमण शाखा के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे. इस दौरान संभागीय भवन अधिकारी शैलेन्द्र कौरव, अतिक्रमण अधिकारी कृष्णपाल सिंह रावत, संभागीय भवन अधिकारी दिगदर्श सिंह, संभागीय अधिकारी सुरेंद्र मिश्रा, भवन उपयंत्री यशवंत सोनी सहित अतिक्रमण शाखा का अमला उपस्थित रहा और पूरी कार्रवाई की निगरानी करता रहा.
इसी अभियान के तहत रविन्द्र नगर अधारताल क्षेत्र में स्थित एक अन्य खतरनाक और जर्जर मकान को नगर निगम ने ध्वस्त कर दिया. अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह चौहान की मौजूदगी में मशीनों की सहायता से भवन को सुरक्षित तरीके से गिराया गया. कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सावधानियां बरती गईं और आम लोगों की आवाजाही को भी नियंत्रित किया गया, ताकि किसी प्रकार का जोखिम उत्पन्न न हो.
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में ऐसे सभी भवनों का लगातार सर्वे किया जा रहा है जो लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं और लोगों की जान-माल के लिए खतरा बन सकते हैं. ऐसे भवन मालिकों को पहले नोटिस जारी कर स्वयं कार्रवाई करने का अवसर दिया जा रहा है. यदि तय समय सीमा में भवन नहीं हटाया जाता है, तो नगर निगम नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे हटाएगा और संबंधित व्यय की वसूली भी भवन स्वामी से की जा सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

