नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने 1600 और 140 नंबर सीरीज से आने वाली कॉलों को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। नियामक ने स्पष्ट किया है कि 1600 नंबर सीरीज से आने वाली कॉलों को कोई भी कॉलर आईडी या स्पैम पहचानने वाला ऐप स्पैम, फ्रॉड या अन्य किसी श्रेणी में टैग, ब्लॉक या फ़िल्टर नहीं कर सकता। ट्राई के अनुसार यह नंबर सीरीज सरकार और विनियमित संस्थाओं द्वारा नागरिकों तक महत्वपूर्ण सेवा एवं लेनदेन संबंधी सूचनाएं पहुंचाने के लिए निर्धारित की गई है, इसलिए इन कॉलों की विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।
ट्राई ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशंस कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन (TCCCPR) के तहत 1600 सीरीज से आने वाली कॉलों पर किसी भी प्रकार की टैगिंग, फ़िल्टरिंग या ब्लॉकिंग की अनुमति नहीं है। नियामक का कहना है कि इस सीरीज का उद्देश्य नागरिकों को यह भरोसा दिलाना है कि इस नंबर से आने वाली कॉल किसी अधिकृत संस्था या सरकारी एजेंसी की है।
नियामक ने 140 नंबर सीरीज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। ट्राई के अनुसार यह नंबर सीरीज पंजीकृत टेलीमार्केटर्स के लिए निर्धारित है। इन नंबरों से आने वाली प्रचार संबंधी कॉलों को भी कोई ऐप स्पैम के रूप में टैग या फ़िल्टर नहीं कर सकता। हालांकि उपभोक्ता यदि ऐसी प्रचार कॉलें नहीं चाहते हैं तो वे ट्राई द्वारा संचालित डू नॉट डिस्टर्ब (DND) रजिस्ट्री में अपनी पसंद दर्ज कराकर इन्हें बंद करा सकते हैं।
ट्राई ने कहा कि उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार किसी एक क्षेत्र या सभी क्षेत्रों से आने वाली प्रचार कॉलों को डीएनडी सेवा के माध्यम से रोक सकते हैं। यदि किसी ग्राहक ने डीएनडी रजिस्ट्री में किसी विशेष श्रेणी की प्रचार कॉलें बंद करने का विकल्प चुना है तो संबंधित 140 सीरीज के नंबरों से आने वाली कॉलें स्वतः बंद हो जाएंगी।
नियामक ने यह भी स्पष्ट किया कि डीएनडी पंजीकरण ट्राई डीएनडी ऐप सहित अन्य अधिकृत माध्यमों से किया जा सकता है। ट्राई का मानना है कि यदि 140 नंबरों को विभिन्न ऐप अपनी-अपनी श्रेणियों में टैग करने लगें तो इससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, विशेषकर उन लोगों के लिए जिन्होंने किसी क्षेत्र विशेष की प्रचार कॉलें प्राप्त करने की अनुमति दी हुई है।
ट्राई के इस स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ट्रूकॉलर जैसे कॉलर आईडी ऐप 1600 और 140 सीरीज के नंबरों को स्पैम, धोखाधड़ी या अन्य श्रेणियों में चिह्नित नहीं कर सकेंगे। इससे पहले इन नंबरों से आने वाली कॉलों को लेकर विभिन्न ऐप और नियामक के बीच नियमों को लेकर चर्चा चल रही थी।
इधर, कॉलर आईडी सेवा प्रदान करने वाली कंपनी ट्रूकॉलर ने हाल ही में दावा किया था कि 140 और 1600 सीरीज से आने वाली बड़ी संख्या में कॉलों को उपयोगकर्ता अनदेखा कर रहे हैं या स्वयं ब्लॉक कर रहे हैं। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिशित झुनझुनवाला के अनुसार प्रतिदिन करोड़ों कॉलों का जवाब नहीं दिया जाता और 1600 सीरीज के नंबरों को मैन्युअली ब्लॉक करने की घटनाओं में पिछले कुछ महीनों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
हालांकि ट्राई ने अपने स्पष्टीकरण में दोहराया है कि नियामकीय व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों तक विश्वसनीय और आवश्यक सूचनाएं सुरक्षित रूप से पहुंचाना है। ऐसे में 1600 सीरीज को सरकारी एवं अधिकृत सेवा संबंधी संचार के लिए सुरक्षित रखा गया है, जबकि 140 सीरीज से आने वाली प्रचार कॉलों पर नियंत्रण का अधिकार केवल डीएनडी प्रणाली के माध्यम से ही उपलब्ध रहेगा। इससे उपभोक्ताओं को आवश्यक और प्रचार संबंधी कॉलों के बीच स्पष्ट अंतर समझने में मदद मिलेगी तथा महत्वपूर्ण सरकारी या सेवा संबंधी कॉल अनावश्यक रूप से स्पैम की श्रेणी में नहीं जाएंगी।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

