जबलपुर। मझगवां थाना क्षेत्र के ग्राम कूम्ही सतधारा में सांप के काटने से एक किसान की मौत हो गई। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने में लगे रहे, जिससे उपचार में देरी हो गई। हालत बिगड़ने पर जब उसे सिहोरा के शासकीय अस्पताल लाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद किसान को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार कूम्ही सतधारा निवासी 54 वर्षीय राजूलाल चौधरी पेशे से किसान थे। रविवार देर रात वह अपनी पत्नी के साथ खेत पर गए थे। इसी दौरान खेत में काम करते समय उन्हें जहरीले सांप ने डस लिया। सांप के काटते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, लेकिन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय एक तांत्रिक के पास ले जाया गया, जहां झाड़-फूंक के जरिए जहर उतारने का प्रयास किया जाता रहा।
इस दौरान राजूलाल की हालत लगातार गंभीर होती गई और सांप का जहर पूरे शरीर में फैल गया। जब उनका शरीर नीला पड़ने लगा तो परिजन उन्हें आनन-फानन में सिहोरा के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों ने बताया कि सांप के काटने के मामलों में समय पर चिकित्सा उपचार सबसे महत्वपूर्ण होता है। कई बार लोग अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय गंवा देते हैं, जिससे मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने पर किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में न पड़ें और पीड़ित को तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचाकर एंटी-स्नेक वेनम उपचार दिलाएं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-




