नई दिल्ली. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पर रेलवे बोर्ड ने सभी जोन से विस्तृत जवाब मांगा है. रिपोर्ट में गंदे शौचालयों सहित ट्रेन में साफ-सफाई की कमियों का जिक्र किया गया है. इसमें यात्री फीडबैक में गड़बड़ी और वित्तीय अनुशासन में कमी का मुद्दा भी उठाया गया है.
रेलवे में लंबी दूरी की ट्रेनों में स्वच्छता शीर्षक वाली रिपोर्ट पिछले साल 20 अगस्त को संसद में पेश की गई थी. रिपोर्ट में न सिर्फ ट्रेन में साफ-सफाई की खराब स्थिति को उजागर किया गया है, बल्कि कई मुद्दों पर रेलवे की ओर से दिए गए जवाब पर असंतोष भी जताया गया है. यह रिपोर्ट 2018-19 से 2022-23 की अवधि पर आधारित थी.
कैग ने क्लीन ट्रेन स्टेशन (सीटीएस) और ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (ओबीएचएस) सहित साफ-सफाई संबंधी अन्य योजनाओं के प्रभावी रूप से लागू होने के जोनल रेलवे के दावों की पुष्टि के लिए रेलवे बोर्ड से विस्तृत प्रमाण और आंकड़े मांगे थे. रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधक को भेजे पत्र में कहा-अनुरोध किया जाता है कि ऑडिट में सामने आई बातों पर जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए. इस पत्र के साथ विभिन्न जोन से प्राप्त रेल मंत्रालय के कार्रवाई नोट पर ऑडिट में की गई टिप्पणियां संलग्न हैं.

