हाईकोर्ट का चेन्नई की कविता नागार्जुन मौत मामले में आदेश, जबलपुर एसपी 30 दिन के अंदर निराकरण करें, पिता ने कहा- दहेज के लिए बेटी की हत्या हुई

हाईकोर्ट का चेन्नई की कविता नागार्जुन मौत मामले में आदेश, जबलपुर एसपी 30 दिन के अंदर निराकरण करें, पिता ने कहा- दहेज के लिए बेटी की हत्या हुई

प्रेषित समय :17:53:55 PM / Wed, Jul 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में एक बेटी की मौत को लेकर पिता न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं. चेन्नई निवासी व्यवसायी पी. दक्षिणामूर्ति ने अपनी 27 वर्षीय बेटी कविता नागार्जुन की मौत को हत्या बताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उनका आरोप है कि सेना में मेजर पद पर पदस्थ उनके दामाद डॉ. ओम नागार्जुन और ससुराल पक्ष ने दहेज के लिए कविता की हत्या कर दी और इसे हादसे का रूप देने की कोशिश की.

इस मामले में आज सुनवाई करते हुए जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने जबलपुर एसपी को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता की शिकायत का 30 दिन के भीतर निराकरण किया जाए. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं होती है तो याचिकाकर्ता दोबारा हाईकोर्ट की शरण ले सकते हैं. याचिकाकर्ता पी. दक्षिणामूर्ति के अनुसार, उनकी बेटी कविता का विवाह 2 मार्च 2025 को तमिलनाडु निवासी डॉ. ओम नागार्जुन से हुआ था. डॉ. ओम नागार्जुन वर्तमान में जबलपुर स्थित जेकेआरआरसी में मेजर के पद पर पदस्थ हैं. पिता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही कविता की 10 जून 2025 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. उनका कहना है कि हत्या को दुर्घटना बताने की कोशिश की गई.

शादी में 100 तोला सोना और लग्जरी कार देने का दावा-

याचिका में दावा किया गया है कि शादी में 100 तोला सोना, 25 लाख रुपए का हीरे का हार, करीब 30 लाख रुपए की कार समेत अन्य महंगे उपहार दिए गए थे. इसके बावजूद अतिरिक्त दहेज की मांग जारी रही और कविता को मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता रहा.

मेड हटाकर बेटी से कराया जाता था पूरा काम-

पिता ने आरोप लगाया है कि दामाद के माता-पिता, जो तमिलनाडु में रहते हैं, ने जानबूझकर घर में काम करने वाली मेड को हटा दिया था. इसके बाद घर का पूरा काम कविता से कराया जाने लगा, जिससे उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद डॉ. ओम नागार्जुन का अधिकांश समय इंदौर निवासी एक महिला मित्र से फोन पर बातचीत में बीतता था. पिता का दावा है कि तीन महीने के वैवाहिक जीवन में दामाद ने कविता से बहुत कम बातचीत की, जबकि महिला मित्र से 100 घंटे से अधिक समय तक फोन पर बात की.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-