रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य ने नक्सलवाद के खिलाफ लंबे संघर्ष में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के साहस तथा बस्तर के लोगों के सहयोग को दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर में अब शांति, सुरक्षा और विकास का नया दौर शुरू हो चुका है. उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की सराहना की.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षा और विकास आधारित रणनीति लागू की गई. इसी रणनीति के तहत सुरक्षा अभियानों को तेज करने के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं का विस्तार किया गया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए प्रभावी नीति लागू की गई है. इसके तहत आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का फोकस अब 'बस्तर रोडमैप 2.0', 'नियद नेल्ला नार 2.0' और 'बस्तर मुन्ने अभियान' के माध्यम से समग्र विकास पर है. इन योजनाओं के जरिए हजारों गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री के अनुसार, बस्तर में लाखों लोगों के आयुष्मान कार्ड, जनधन खाते, आधार कार्ड, राशन कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा चुके हैं. वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किए गए हैं. बंद पड़े सैकड़ों स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है और नए विद्यालयों की स्वीकृति भी दी गई है.
उन्होंने कहा कि रेल, सड़क और हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और जगदलपुर हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है. साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत किया है. उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

