आसाराम की अंतरिम जमानत पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वास्थ्य स्थिति पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट

आसाराम की अंतरिम जमानत पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वास्थ्य स्थिति पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट

प्रेषित समय :17:27:48 PM / Fri, Jul 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम की स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है. अदालत ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी अप्रिय स्थिति से बचना चाहती है और इसी कारण राज्य सरकार को उचित चिकित्सकीय निर्देश लेकर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा गया है. मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी.

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि चिकित्सकों के अनुसार आसाराम को कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, जिनके लिए जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता है. उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि उन्हें गैस्ट्रो संबंधी समस्या के कारण कुछ रक्तस्राव हुआ है, लेकिन यह अस्थायी प्रकृति का प्रतीत होता है और उनका उपचार दवाओं के माध्यम से किया जा रहा है.

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत नहीं चाहती कि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटे और बाद में किसी पक्ष पर इसका दोषारोपण हो. पीठ ने राज्य सरकार से निर्देश प्राप्त कर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा. राजस्थान सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि 20 जुलाई तक इस संबंध में हलफनामा प्रस्तुत कर दिया जाएगा.

आसाराम की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल उच्च जोखिम वाला मरीज है और स्वास्थ्य कारणों से अंतरिम जमानत का अनुरोध कर रहा है. वहीं राज्य सरकार ने यह भी बताया कि लगभग तीन महीने पहले उपचार के लिए मिली अस्थायी रिहाई के दौरान आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे तथा वहां सामान्य रूप से पैदल चलते हुए देखे गए थे.

गौरतलब है कि राजस्थान हाई कोर्ट ने 27 मई 2026 को वर्ष 2013 के नाबालिग से दुष्कर्म मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था. इसके बाद आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की है. इससे पहले 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से इस याचिका पर जवाब मांगा था और निर्देश दिया था कि उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सकीय सुविधाएं संबंधित चिकित्सा प्राधिकरण की संतुष्टि के अनुसार जारी रहें. अदालत ने यह छूट भी दी थी कि यदि स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती है तो याचिकाकर्ता तत्काल सुनवाई का अनुरोध कर सकता है.

वर्ष 2018 में ट्रायल कोर्ट ने आसाराम को अपने आश्रम में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोष सिद्ध हुआ था. राजस्थान हाई कोर्ट ने दुष्कर्म सहित कई गंभीर आरोपों में दोषसिद्धि को बरकरार रखा, जबकि कुछ आरोपों से उन्हें राहत दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत याचिका पर होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-