भारत ने जापान के संयुक्त बयान पर पाकिस्तान की आपत्ति ठुकराई, सीमा पार आतंकवाद पर रुख स्पष्ट बताया

भारत ने जापान के संयुक्त बयान पर पाकिस्तान की आपत्ति ठुकराई, सीमा पार आतंकवाद पर रुख स्पष्ट बताया

प्रेषित समय :21:54:23 PM / Fri, Jul 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारत ने भारत-जापान संयुक्त बयान में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार आतंकवाद के उल्लेख पर इस्लामाबाद की आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि संयुक्त बयान पूरी तरह स्पष्ट है और इसमें दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को व्यक्त किया गया है. भारत ने दोहराया कि सीमा पार आतंकवाद पर उसका रुख पहले की तरह स्पष्ट और अडिग है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच नई दिल्ली में हुई शिखर वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा की. बयान में विशेष रूप से पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद का उल्लेख किया गया. साथ ही अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और नवंबर 2025 में दिल्ली में हुए आतंकवादी हमले की भी निंदा करते हुए दोषियों, साजिशकर्ताओं और वित्तीय मददगारों को न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस वार्ता में पाकिस्तान की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संयुक्त बयान स्वयं स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि इसमें द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ उन मुद्दों को भी शामिल किया गया है जिन पर भारत और जापान का साझा दृष्टिकोण है. उन्होंने संकेत दिया कि इस बयान में किसी अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं है.

संयुक्त बयान में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों अल-कायदा, आईएसआईएस, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद तथा इनके सहयोगी संगठनों के खिलाफ समन्वित और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर भी बल दिया गया. दोनों देशों ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई.

इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जापान के समक्ष राजनयिक माध्यमों से औपचारिक विरोध दर्ज कराया था. पाकिस्तान का कहना था कि भारत विभिन्न देशों के साथ जारी संयुक्त बयानों में इस प्रकार के संदर्भ शामिल करवाता है. हालांकि भारत ने इस दावे को कोई महत्व नहीं देते हुए अपने रुख को दोहराया.

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में रणधीर जायसवाल ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ विशेष एनआईए अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट पर पाकिस्तान की टिप्पणी को भी खारिज किया. उन्होंने कहा कि पहलगाम हमला बेहद बर्बर था, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई और भारतीय एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया पाकिस्तान द्वारा दशकों से सीमा पार आतंकवाद को संरक्षण और समर्थन देने तथा उसे राज्य की नीति के एक साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने से भली-भांति परिचित है.

जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी बाहरी टिप्पणी को स्वीकार नहीं करता और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-