हिमालय घूमने की योजना टालें हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की चेतावनी

हिमालय घूमने की योजना टालें हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की चेतावनी

प्रेषित समय :21:57:22 PM / Fri, Jul 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली। यदि आप इस सप्ताहांत या अगले कुछ दिनों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड या जम्मू-कश्मीर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान देना जरूरी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 18 जुलाई से हिमालयी राज्यों में मानसून की गतिविधियां तेज होने का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़क बाधित होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 18 जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। 19 से 22 जुलाई के बीच प्रदेश के 76 से 100 प्रतिशत क्षेत्रों में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 जुलाई को भी अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा जारी रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में मानसूनी ट्रफ जम्मू से बरेली होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा जम्मू क्षेत्र के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से हिमाचल प्रदेश में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।

उत्तराखंड के लिए भी आईएमडी ने अगले सात दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 19 जुलाई से वर्षा और तेज हो सकती है। अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी सहित कई जिलों के जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम स्तर का खतरा बना हुआ है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका भी व्यक्त की गई है।

मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि शनिवार से बुधवार के बीच हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में अत्यधिक वर्षा की संभावना है। उन्होंने आगाह किया कि इस अवधि में कई पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर बादल फटने और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग चारधाम यात्रा, ट्रैकिंग, कैंपिंग या अन्य पर्वतीय पर्यटन की योजना बना रहे हैं, वे यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें। मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

आईएमडी ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले कुछ दिन हिमालयी राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-