नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन एनेक्सी से बाहर निकलते समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरण स्पर्श कर उनका अभिवादन किया. अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच इस तरह का सम्मानपूर्ण व्यवहार कम ही देखने को मिलता है, इसलिए यह घटना चर्चा का विषय बन गई.
यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब सर्वदलीय बैठक समाप्त होने के बाद नेता बाहर निकल रहे थे. राजनाथ सिंह केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ मौजूद थे. इसी दौरान सुप्रिया सुले उनके पास पहुंचीं और पारंपरिक भारतीय परंपरा के अनुसार उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान वहां मौजूद कई लोगों की नजर इस दृश्य पर गई और इसकी तस्वीरें तथा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जाने लगे.
मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है. इससे पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक के दौरान विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' के नेताओं ने कुछ मुद्दों को लेकर प्रतीकात्मक वॉकआउट भी किया. विपक्ष ने बैठक में नीट-यूजी परीक्षा से जुड़े मामले, हालिया राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रम तथा अन्य विषयों पर संसद में चर्चा की मांग उठाई.
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी दलों के साथ सार्थक चर्चा चाहती है और संसद का मानसून सत्र सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन नियमों के तहत सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है.
इस बीच सुप्रिया सुले ने एक बार फिर उन अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें उनकी पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को किसी भी दल की ओर से गठबंधन या विलय का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो शरद पवार, न वह स्वयं और न ही पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता के पास इस संबंध में कोई प्रस्ताव आया है.
सुप्रिया सुले ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के सभी सांसद और विधायक एकजुट हैं तथा नियमित रूप से शरद पवार के साथ संवाद करते हैं. उनके अनुसार किसी भी जनप्रतिनिधि ने अलग राह अपनाने की इच्छा व्यक्त नहीं की है और पार्टी अपनी वर्तमान राजनीतिक स्थिति से संतुष्ट है.
हाल के दिनों में महाराष्ट्र में कुछ नेताओं की बैठकों के बाद शरद पवार गुट के एनडीए के करीब आने की अटकलें तेज हुई थीं. हालांकि पार्टी पहले भी इन बैठकों को प्रशासनिक विषयों से जुड़ा बता चुकी है और किसी राजनीतिक पुनर्संरेखण की संभावना से इनकार कर चुकी है. संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलने की संभावना है, जिसमें सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

