जबलपुर. एमपी हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति को नोटिस जारी किया है. यह कार्रवाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीवी) के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. आर.बी. दुबे की याचिका पर की गई.
हाईकोर्ट ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगूभाई पटेल, कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल और उपकुल सचिव पवन साहू को नोटिस जारी कर 4 अगस्त तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. डॉ. आर.बी. दुबे की नियुक्ति 10 मई 2000 को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में रीडर के पद पर हुई थी. उन्होंने 29 जुलाई 2006 से प्रभावी होने वाला इस्तीफा विश्वविद्यालय को सौंपा था. हालांकि बाद में उन्होंने 14 जुलाई 2006 को लिखित आवेदन देकर अपना इस्तीफा वापस ले लिया था. इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 13 जुलाई 2006 को जारी आदेश के आधार पर उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया. डॉ. दुबे का तर्क था कि प्रभावी तिथि से पहले ही इस्तीफा वापस ले लिया गया था, इसलिए उसे स्वीकार करना कानूनन गलत था.
हाईकोर्ट ने रद्द किया था इस्तीफा स्वीकार करने का आदेश-
मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी कर्मचारी को इस्तीफा प्रभावी होने या स्वीकार किए जाने से पहले वापस लेने का अधिकार है. जस्टिस एम.एस. भट्टी की एकलपीठ ने डॉ. दुबे के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विश्वविद्यालय के उस आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया था. कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा था कि प्रभावी होने से पहले त्यागपत्र वापस लिया जा सकता है और ऐसे इस्तीफे को स्वीकार करना कानून के विपरीत है.
अब वेतन भुगतान को लेकर अवमानना याचिका-
हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद डॉ. दुबे ने बकाया वेतन और अन्य देयकों के भुगतान को लेकर अवमानना याचिका दायर की. उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने निर्देशों का पालन नहीं किया. आज जस्टिस विशाल मिश्रा की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 15 जुलाई 2026 को याचिका पर संज्ञान लिया और सभी अनावेदकों को आरएडी (क्र्रष्ठ) मोड के माध्यम से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को निर्धारित की गई है.

