एमपी: सागर-दमोह मार्ग बनेगा फोरलेन, जमीनों का अधिग्रहण, 200 से ज्यादा परिवार होंगे प्रभावित

एमपी: सागर-दमोह मार्ग बनेगा फोरलेन, जमीनों का अधिग्रहण, 200 से ज्यादा परिवार होंगे प्रभावित

प्रेषित समय :15:54:06 PM / Tue, Jul 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

सागर. मध्य प्रदेश के सागर में सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं. हाल में ही सागर-कानपुर वाया छतरपुर मार्ग को फोरलेन में तैयार करने के बाद अब सागर से दमोह राज्य मार्ग को फोर लेन के तौर पर तैयार किया जाएगा. इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए जमीनों का अधिग्रहण भी किया जाएगा. सागर से दमोह को जोडऩे वाले राज्य राजमार्ग क्रमांक-63 को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रारंभिक कार्य शुरू

कलेक्टर कार्यालय ने परियोजना की अधिसूचना जारी कर दी है. इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रारंभिक कार्य भी शुरू हो गए हैं. यह परियोजना पूरी होने के बाद सागर प्रदेश के उन जिला मुख्यालयों में शामिल हो जाएगा, जहां चारों दिशाओं में फोरलेन सड़क संपर्क उपलब्ध होगा. फिलहाल सागर से भोपाल, नरसिंहपुर, छतरपुर और उत्तर प्रदेश के ललितपुर तक फोरलेन सड़कें हैं. अब दमोह मार्ग के भी फोरलेन बनने से जिले की सड़क कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. इससे औद्यागिक क्षेत्रों का भी विस्तार संभव होगा.

पहले चरण में परसोरिया की भूमि का होगा अधिग्रहण

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड (एमपीआरडीसी) इस परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत करेगा. कुल 76.680 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 42.250 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी. पहले चरण में सागर तहसील के ग्राम परसोरिया की 14.550 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. मौजूदा टू-लेन सड़क को ही चौड़ा कर फोरलेन बनाया जाएगा.

यात्रा आसान, व्यापार और उद्योग को मिलेगा फायदा

फोरलेन बनने के बाद सागर और दमोह के बीच यात्रा का समय कम होगा. कृषि उपज मंडियों के बीच परिवहन आसान होने से किसानों को लाभ के मार्ग खुलेंगे. सागर के औद्योगिक क्षेत्र सिद्गुवां क्षेत्र से भी दमोह और जबलपुर की कनेक्टिवटी बढग़ी. स्थानीय उद्योगों की ढुलाई लागत भी घटेगी, जिससे व्यापार को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

22 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक मिलेगा मुआवजा

 कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार सिंचित भूमि का मूल्य 22 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और असिंचित भूमि का मूल्य 11 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-