छात्रों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट परिसर में गूंजा संविधान का प्रस्तावना पाठ, वकीलों ने न्याय की उठाई मांग

छात्रों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट परिसर में गूंजा संविधान का प्रस्तावना पाठ, वकीलों ने न्याय की उठाई मांग

प्रेषित समय :18:20:34 PM / Thu, Jul 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. नीट पेपर लीक के आरोपों और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत के परिसर में गुरुवार को वरिष्ठ अधिवक्ताओं और वकीलों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया. "सेव डेमोक्रेसी, सेव कॉन्स्टिट्यूशन" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वकीलों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति एकजुटता जताते हुए उनके लिए न्याय की मांग की. कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए.

सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक आंदोलन का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि छात्रों के संवैधानिक अधिकारों और न्याय की मांग का समर्थन करना है. संविधान की प्रस्तावना का पाठ कर उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई.

वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि यह मुद्दा छात्रों के अधिकारों से जुड़ा है और वकीलों का दायित्व है कि वे न्याय की मांग कर रहे छात्रों के साथ खड़े हों. उन्होंने कहा कि वे अपने लिए नहीं, बल्कि छात्रों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से वहां एकत्र हुए हैं.

पूर्व दिल्ली हाई कोर्ट न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर ने कहा कि देशभर में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे छात्रों के समर्थन में विधि समुदाय एकजुट हुआ है. उन्होंने कहा कि सभी छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और इसी उद्देश्य से अधिवक्ता इस पहल में शामिल हुए हैं.

अधिवक्ता अभय सिंह ने कहा कि बार के सदस्य छात्रों के साथ हुई कथित अन्यायपूर्ण कार्रवाई और पुलिस की कथित सख्ती का विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए उपलब्ध सभी कानूनी उपाय अपनाए जाएंगे. उनका कहना था कि संविधान की प्रस्तावना का पाठ इसी संदेश के साथ शुरू किया गया कि कानून और संविधान सर्वोच्च हैं.

इस बीच छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे संगठन सीजेपी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया. संगठन ने अपने संदेश में कहा कि छात्रों के समर्थन में आगे आने वाले सभी अधिवक्ताओं का धन्यवाद और यह समर्थन न्याय की लड़ाई को मजबूती देगा.

नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जारी घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम चर्चा का विषय बना रहा. इसे छात्रों के अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और न्याय की मांग के समर्थन में विधि समुदाय की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-