नई दिल्ली. रेलवे की आवासीय कालोनियों और कारखानों में आने वाले दिनों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है. देश भर के लाखों रेल कर्मचारियों के घरों से अब पारंपरिक रसोई गैस सिलेंडर (एलपीजी) की छुट्टी होने जा रही है. केंद्र सरकार के स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा अभियान के तहत अब रेलवे कालोनियों में सीधे पाइप के जरिए नेचुरल गैस यानी पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पहुंचाई जाएगी.
बिना रुकावट कर्मियों को मिलेगा ईंधन
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने देश के सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं. इस पहल से न केवल पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि रेल कर्मचारियों को भी सस्ता, सुरक्षित और 24 घंटे बिना किसी रुकावट के खाना पकाने का ईंधन मिल सकेगा.
गैस कंपनियों ने 3 माह सिक्योरिटी डिपाजिट माफ किया
गैस वितरण कंपनियों ने सरकारी और रक्षा क्षेत्र की आवासीय कालोनियों में नए घरेलू पीएनजी कनेक्शन लेने पर लगने वाली सिक्योरिटी डिपाजिट (सुरक्षा राशि) को तीन महीने के लिए पूरी तरह माफ कर दिया है. यह विशेष छूट 17 जून 2026 से प्रभावी हो चुकी है, जिससे कर्मचारियों को नया गैस कनेक्शन लेते समय एक बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी.
रेलवे बोर्ड ने सभी महाप्रबंधकों को दिया आदेश
रेलवे बोर्ड ने सभी महाप्रबंधकों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की रेल कालोनियों की तुरंत समीक्षा करें और जहां भी गैस पाइप लाइन का नेटवर्क उपलब्ध है, वहां स्थानीय गैस एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर तेजी से काम शुरू कराएं. इसकी निगरानी खुद जोनल स्तर पर की जाएगी और हर तीन महीने में इसकी प्रगति रिपोर्ट सीधे रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी. सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि पीएनजी के लिए बोर्ड के आदेश का पालन कराया जा रहा है.
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