ओडिशा में मूसलाधार बारिश का कहर, तीन जिलों में स्कूल-आंगनवाड़ी बंद, कई नदियों में बाढ़ का खतरा

ओडिशा में मूसलाधार बारिश का कहर, तीन जिलों में स्कूल-आंगनवाड़ी बंद, कई नदियों में बाढ़ का खतरा

प्रेषित समय :21:42:36 PM / Tue, Jul 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के जाजपुर, भद्रक और क्योंझर जिलों में बुधवार को सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ और लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए एहतियातन यह फैसला लिया है।

राज्य के उत्तरी हिस्सों में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार जलका, सालंदी और बैतरणी नदियों में मंगलवार रात तक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। विशेष रूप से बैतरणी नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे धामनगर, दसरथपुर और चांदबली ब्लॉकों के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। बालासोर जिले के नीलगिरि क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसके कारण कई इलाकों में हालात तेजी से बिगड़ गए हैं।

बालासोर जिले में भारी बारिश के चलते सामान्य जनजीवन लगभग ठप हो गया है। पिछले 24 घंटों में 246.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए। निचले इलाकों में घरों के भीतर पानी घुस गया है, जबकि प्रमुख सड़कें जलभराव के कारण डूब गई हैं। इसके चलते यातायात भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।

नुआसाही, गुड़ीपाड़ा, चिड़िया पोल और अजीमाबाद जैसे इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अग्निशमन विभाग की टीमों को राहत और बचाव अभियान चलाना पड़ा। चिड़िया पोल के पास स्थित एक होटल, तेलेंगा साही और पोस्टल कॉलोनी से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया।

मयूरभंज जिले में भी लगातार बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बुढ़ाबालंगा और सुबर्णरेखा नदियों के साथ-साथ कई छोटी नदियों और नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि पिछले आठ दिनों में ओडिशा में सामान्य से 84 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा राहत शिविरों में रहने वाले लोगों के लिए पके हुए भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार के लिए सुंदरगढ़, संबलपुर, बरगढ़ और झारसुगुड़ा जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

लगातार हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, जिसके चलते लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-