नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के अनुभवी ऑलराउंडर सारांश जैन को आखिरकार घरेलू क्रिकेट में वर्षों की शानदार मेहनत का बड़ा इनाम मिल गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया है, जिसमें 33 वर्षीय सारांश जैन को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। उनकी यह उपलब्धि केवल घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम नहीं है, बल्कि पूर्व भारतीय दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह के मार्गदर्शन ने भी उनके क्रिकेट सफर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बीसीसीआई चयन समिति द्वारा घोषित 15 सदस्यीय टीम में सारांश जैन का नाम सबसे अधिक चर्चा में रहा। उन्होंने हाल के वर्षों में रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। इसके अलावा श्रीलंका ए के खिलाफ भारत ए की ओर से खेली गई अनौपचारिक दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भी उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से अपनी उपयोगिता साबित की। दूसरे मुकाबले में नाबाद 70 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलने के साथ उन्होंने पूरी श्रृंखला में आठ विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
सारांश जैन को भारतीय टीम में वाशिंगटन सुंदर के स्थान पर मौका मिला है। सुंदर इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 श्रृंखला के दौरान चोटिल हो गए थे, जिसके बाद चयनकर्ताओं ने अनुभवी ऑफ स्पिनर सारांश जैन को टीम में शामिल करने का फैसला किया। यदि उन्हें टेस्ट पदार्पण का अवसर मिलता है, तो वे 21वीं सदी में भारत के लिए सबसे अधिक उम्र में टेस्ट डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।
सारांश जैन की सफलता की कहानी में पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का विशेष योगदान माना जा रहा है। इसी वर्ष मार्च में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) बेंगलुरु में आयोजित विशेष स्पिन गेंदबाजी शिविर के दौरान उन्हें हरभजन सिंह के साथ कई दिनों तक प्रशिक्षण का अवसर मिला। इस शिविर का उद्देश्य देश के उभरते स्पिन गेंदबाजों की तकनीक को और बेहतर बनाना था।
प्रशिक्षण के बाद सारांश जैन ने सोशल मीडिया पर हरभजन सिंह का आभार व्यक्त करते हुए लिखा था कि उन सत्रों से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने हरभजन के प्रेरणादायक शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा था कि कुछ हासिल करने के लिए केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि लगातार मेहनत करनी पड़ती है। सारांश ने स्वीकार किया कि यह सीख उनके क्रिकेट जीवन में हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।
हरभजन सिंह ने भी सारांश जैन के चयन पर खुशी जताई है। उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया कि जब पहली बार शिविर के दौरान उन्होंने सारांश को गेंदबाजी करते देखा, तभी उनकी प्रतिभा ने प्रभावित किया। हरभजन के अनुसार सारांश की गेंदबाजी एक्शन बेहद सहज है और वह अनावश्यक प्रयोग करने के बजाय अपनी लाइन, लेंथ और नियंत्रण पर भरोसा करते हैं।
हरभजन ने कहा कि सारांश के पास वर्षों का अनुभव है और उनकी सीम पोजीशन तथा गेंद पर नियंत्रण उन्हें अन्य गेंदबाजों से अलग बनाता है। उन्होंने कहा कि 33 वर्ष की उम्र स्पिन गेंदबाज के लिए अधिक नहीं होती, बल्कि इस समय तक वह पर्याप्त अनुभव हासिल कर चुका होता है। घरेलू क्रिकेट में देश के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार गेंदबाजी करने से सारांश का आत्मविश्वास और कौशल दोनों मजबूत हुए हैं।
पूर्व भारतीय स्पिनर ने यह भी कहा कि सारांश को केवल बल्लेबाजी करने वाला ऑफ स्पिनर मानना गलत होगा। उनके अनुसार वह सबसे पहले एक विकेट लेने की भूख रखने वाले ऑफ स्पिनर हैं, जो जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखते हैं। हरभजन ने कहा कि सारांश अपनी विकेट की कीमत समझते हैं और यही गुण उन्हें एक उपयोगी टेस्ट ऑलराउंडर बनाता है।
घरेलू क्रिकेट में सारांश जैन का प्रदर्शन भी उनकी प्रतिभा की पुष्टि करता है। रणजी ट्रॉफी के हालिया सत्र में उन्होंने सात मैचों में 518 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 57.55 रहा। वहीं गेंदबाजी में उन्होंने 30 विकेट हासिल किए, जिसमें दो बार चार विकेट और एक बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी शामिल रहा।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सारांश जैन अब तक 54 मुकाबलों में 2234 रन बना चुके हैं। उनके नाम दो शतक और 14 अर्धशतक दर्ज हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 188 विकेट हासिल किए हैं, जिनमें 10 बार पांच विकेट और 10 बार चार विकेट लेने की उपलब्धि शामिल है। इन आंकड़ों ने उन्हें घरेलू क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद स्पिन ऑलराउंडरों में स्थापित किया है।
सारांश जैन ने वर्ष 2021-22 में मध्य प्रदेश को रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बाद से उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में स्थिरता बनाए रखी और अंततः भारतीय टेस्ट टीम का दरवाजा खटखटाने में सफल रहे। अब श्रीलंका दौरे पर उनकी नजर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने पर होगी, जबकि क्रिकेट प्रेमियों को भी इस अनुभवी घरेलू खिलाड़ी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

