जबलपुर. एमपी के जबलपुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में संयुक्त जुड़वा (कंजॉइंट ट्विन्स) शिशुओं जीवान और युवान की पहली जटिल सर्जरी का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा किया गया. करीब दो घंटे तक चली इस सर्जरी को डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया. चिकित्सकों के अनुसार, इस तरह के मामले लाखों में एक होते हैं.
नरसिंहपुर से रेफर होकर आए दोनों शिशु इशियोपैगस कंजॉइंट ट्विन्स हैं, जो श्रोणि (पेल्विस) के हिस्से से आपस में जुड़े हुए हैं. सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि दोनों की आंत और मूत्र प्रणाली आपस में जुड़ी हुई थी. इसके अलावा दोनों में एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन और जन्मजात हृदय संबंधी विकार की आशंका भी है. इस जटिल सर्जरी के लिए प्रोफेसर डॉ. विकेश अग्रवाल, डॉ. हिमांशु आचार्य और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. आशीष सेठी के नेतृत्व में दो सर्जिकल और दो एनेस्थीसिया टीमों का गठन किया गया.
ऑपरेशन के दौरान दो एनेस्थीसिया मशीन, दो वेंटिलेटर और अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया. सर्जरी के बाद दोनों शिशुओं को मेडिकल कॉलेज की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है. जीवान की हालत अपेक्षाकृत गंभीर है और उसे संक्रमण भी है. जन्मजात हृदय संबंधी विकार की आशंका को देखते हुए उसकी विस्तृत जांच की जा रही है. वहीं युवान की हालत स्थिर है और वह भी विशेषज्ञों की निगरानी में है. डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में ऑपरेशन के बाद की देखभाल भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है. यदि किसी एक शिशु की स्थिति बिगड़ती है तो उसका असर दूसरे पर भी पड़ सकता है. इसलिए दोनों की लगातार निगरानी की जाएगी और जरूरत पडऩे पर आगे भी चरणबद्ध सर्जरी की जाएगी. चिकित्सकों के अनुसार, पहले चरण में केवल आंत्र मार्ग का डायवर्जन किया गया है. दोनों शिशुओं का पूर्ण पृथक्करण उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आगामी चरणों में किया जाएगा.

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