अयोध्या. भव्य और व्यवस्थित तरीके से बने राम मंदिर में मंगलवार को मूसलाधार बारिश के दौरान एक बार फिर पानी आने का सिलसिला जारी रहा. तेज बारिश के बीच राम दरबार की सीढिय़ां किसी झरने की तरह दिखाई दीं, जहां से पानी लगातार मंदिर परिसर में बहता रहा. स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं को राम दरबार की तरफ जाने और दर्शन करने से कुछ समय के लिए रोक दिया. करोड़ों की लागत से बने इस भव्य मंदिर में थोड़ी ही देर की बारिश में बार-बार पानी आना श्रद्धालुओं के बीच गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं.
राम दरबार से परिसर तक बहा पानी, श्रद्धालु बीच में ही रोके गए
मंगलवार दोपहर दर्शन करके लौटे एक श्रद्धालु ने बताया कि बारिश के दौरान जब वह सामान्य सीढिय़ों से राम दरबार की ओर जा रहा था, तभी सीढिय़ों से तेजी से पानी प्रांगण की ओर बहने लगा. इसके चलते सुरक्षाकर्मियों ने एहतियातन उन्हें और अन्य श्रद्धालुओं को रास्ते में ही रोक दिया. लोगों के बीच यह सवाल लगातार चर्चा में है कि आखिर इतने अत्याधुनिक और भव्य मंदिर परिसर में इतनी भारी मात्रा में पानी कहां से और कैसे पहुंच रहा है.
45 मिनट की मूसलाधार बारिश में रामपथ और शहर पानी-पानी
रामनगरी में मंगलवार दोपहर करीब 45 मिनट तक हुई मूसलाधार बारिश से न केवल मंदिर परिसर, बल्कि पूरा शहर जलभराव की समस्या से जूझता नजर आया. राम मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने रामपथ पर भारी जलभराव हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित रहा और रामपथ से रीडगंज की ओर जाने वाली सड़क भी पानी से लबालब हो गई. सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के पुराने भवन के सामने स्थित दुकानों और सिविल लाइन क्षेत्र में एक मिष्ठान भंडार के बगल की दुकानों के बेसमेंट में गंदे नाले का पानी घुस गया, जिस पर स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद नगर निगम ने नालों की सफाई नहीं कराई थी.
निचले इलाकों और कॉलोनियों के दर्जनों घरों में घुसा बारिश का पानी
हनुमानगढ़ी क्षेत्र, टेढ़ी बाजार, बिड़ला धर्मशाला, रिकाबगंज-कसाबाड़ा मार्ग और जलवानपुरा में पानी भर जाने से लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा. इसके अलावा देवकाली वार्ड के श्रीराम कुंज कॉलोनी, बछड़ा सुल्तानपुर, शिवपुरम कॉलोनी, देवकाली गांव और टीचर कॉलोनी के दर्जनों घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. शहर के कई निचले इलाकों में नाले उफना गए और सीवर के चैम्बरों से पानी सड़क पर बहने लगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

