नई दिल्ली. भारतीय हॉकी टीम की नई ऑरेंज जर्सी को लेकर छिड़े विवाद के बीच हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप कुमार तिर्की ने स्पष्ट किया है कि जर्सी का रंग बदलने के पीछे कोई राजनीतिक कारण या बाहरी दबाव नहीं है. उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है. तिर्की ने देशवासियों से अपील की कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले अनावश्यक विवाद पैदा करने के बजाय भारतीय टीम का मनोबल बढ़ाएं.
हॉकी इंडिया ने हाल ही में एफआईएच पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप के लिए भारतीय टीम की नई ऑरेंज जर्सी लॉन्च की थी. इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर बहस शुरू हो गई. पूर्व भारतीय कप्तान और ओलंपियन वीरेन रसकिन्हा ने इस फैसले पर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी जर्सी के रंग बदलने की आलोचना की.
विवाद बढ़ने के बाद दिलीप तिर्की ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग पहले भी कई बार बदला जा चुका है. उन्होंने याद दिलाया कि 2014 और 2018 में भी टीम अलग-अलग रंगों की जर्सी पहन चुकी है. उन्होंने कहा कि अपने खेल जीवन के दौरान वह स्वयं भी गहरे नीले रंग की जर्सी में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, इसलिए यह बदलाव कोई नई बात नहीं है.
तिर्की ने स्पष्ट किया कि इस बार जर्सी बदलने का निर्णय पूरी तरह तकनीकी कारणों से लिया गया. उनके अनुसार खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने सुझाव दिया था कि चूंकि हॉकी का अधिकांश मुकाबला नीले रंग की टर्फ पर खेला जाता है और टीम की जर्सी भी नीली होती है, इसलिए खिलाड़ियों को मैदान पर एक-दूसरे को पहचानने और बेहतर तालमेल बनाने में कठिनाई होती है. इसी वजह से अधिक स्पष्ट दृश्यता (विजिबिलिटी) के लिए नए रंग पर विचार किया गया.
उन्होंने बताया कि जर्सी के लिए पीले और ऑरेंज रंग के दो विकल्पों पर चर्चा हुई थी. अंततः ऑरेंज रंग को चुना गया क्योंकि यह भारतीय तिरंगे के रंगों में भी शामिल है और मैदान पर खिलाड़ियों की दृश्यता बेहतर बनाने में मददगार माना गया.
दिलीप तिर्की ने कहा कि इस फैसले को किसी भी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी के दबाव में आकर या किसी विशेष विचारधारा के प्रभाव में यह निर्णय नहीं लिया गया.
हॉकी इंडिया अध्यक्ष ने कहा कि विश्व कप का आयोजन अब बेहद करीब है. पुरुष हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ खेलेगी, जबकि महिला टीम 16 अगस्त को चीन के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी. ऐसे समय में देशवासियों को खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना चाहिए ताकि वे पूरी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतर सकें.
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन की राय को प्राथमिकता देते हुए यह बदलाव किया गया है. यदि भविष्य में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को लगे कि कोई अन्य रंग अधिक उपयुक्त रहेगा, तो हॉकी इंडिया उस पर भी विचार करेगी. उन्होंने साफ किया कि ऑरेंज जर्सी स्थायी नहीं है और जरूरत पड़ने पर इसमें भविष्य में बदलाव किया जा सकता है.
दिलीप तिर्की ने देश के खेल प्रेमियों से अपील करते हुए कहा कि विश्व कप जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से पहले टीम के समर्थन पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों का लक्ष्य देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करना है और ऐसे समय में अनावश्यक विवाद उनके मनोबल को प्रभावित कर सकते हैं.
विश्व कप से पहले जर्सी को लेकर शुरू हुई बहस के बीच हॉकी इंडिया ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि टीम की प्राथमिकता केवल बेहतर प्रदर्शन है. अब सभी की निगाहें आगामी विश्व कप पर हैं, जहां भारतीय पुरुष और महिला टीम नई जर्सी में देश के लिए पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

