38 साल पुराने विनोबा भावे सबस्टेशन के उन्नयन से हाईकोर्ट, सिविल लाइंस, रेलवे और कलेक्ट्रेट क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ

38 साल पुराने विनोबा भावे सबस्टेशन के उन्नयन से हाईकोर्ट, सिविल लाइंस, रेलवे और कलेक्ट्रेट क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ

प्रेषित समय :20:24:55 PM / Fri, Aug 7th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने जबलपुर के 132 केवी विनोबा भावे सबस्टेशन के व्यापक रीमॉडलिंग और अपग्रेडेशन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. लगभग 38 वर्ष पुराने इस महत्वपूर्ण सबस्टेशन को आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिससे शहर के प्रमुख प्रशासनिक, न्यायिक और रेलवे क्षेत्रों को अब अधिक सुरक्षित, निर्बाध और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी.

एमपी ट्रांसको के अनुसार विनोबा भावे स्थित 132 केवी सबस्टेशन लंबे समय से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, सिविल लाइंस, रेलवे, कमिश्नरी, कलेक्ट्रेट, सिविक सेंटर तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति करने में अहम भूमिका निभा रहा है. बढ़ती बिजली मांग और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए इसके आधुनिकीकरण का निर्णय लिया गया था.

अपग्रेडेशन के तहत सबस्टेशन में 132 केवी का नया डबल सर्किट फीडर बे विकसित किया गया है और बस कप्लर स्थापित किए गए हैं, जिससे इसकी परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. इसके साथ ही कम क्षमता वाले पुराने पैंथर कंडक्टर को हटाकर अधिक क्षमता वाले ज़ेबरा कंडक्टर लगाए गए हैं. इससे भविष्य में बढ़ने वाले विद्युत भार को आसानी से वहन किया जा सकेगा और आपूर्ति व्यवस्था अधिक स्थिर बनी रहेगी.

सबस्टेशन के दोनों पावर ट्रांसफार्मरों की रिकंडीशनिंग और री-पेंटिंग भी की गई है, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ने के साथ-साथ उपयोगी आयु में भी विस्तार होगा. इसके अलावा 132 केवी की नई ऑग्ज़ीलियरी बस विकसित की गई है, जिससे किसी भी तकनीकी आवश्यकता या आपात स्थिति में वैकल्पिक डबल सप्लाई व्यवस्था उपलब्ध रहेगी और बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना काफी कम हो जाएगी.

एमपी ट्रांसको ने पुराने ब्रेकरों को हटाकर नई तकनीक आधारित अत्याधुनिक ब्रेकर भी स्थापित किए हैं. ये ब्रेकर किसी भी फॉल्ट की स्थिति में तुरंत ट्रिप होकर पूरे विद्युत तंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे. उन्नयन कार्य के दौरान आवश्यक सिविल और तकनीकी कार्य भी उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए गए हैं.

कंपनी के अनुसार इस आधुनिकीकरण के बाद 132 केवी विनोबा भावे सबस्टेशन की विश्वसनीयता, परिचालन दक्षता और बिजली आपूर्ति की निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. इससे जबलपुर शहर के महत्वपूर्ण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और नागरिकों को लंबे समय तक बेहतर गुणवत्ता की निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी.

एमपी ट्रांसको का कहना है कि यह परियोजना भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. आधुनिक तकनीक से लैस यह सबस्टेशन न केवल बढ़ते लोड को संभालने में सक्षम होगा, बल्कि शहर की विद्युत वितरण प्रणाली को भी अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाएगा. इससे जबलपुर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक भरोसेमंद होने की उम्मीद है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-