पंजाब चुनाव से पहले सुखबीर बादल व पीएम मोदी की मुलाकात से राजनीतिक हलचल बढ़ी, गठबंधन कर सकते हैं दोनों दल

पंजाब चुनाव से पहले सुखबीर बादल व पीएम मोदी की मुलाकात से राजनीतिक हलचल बढ़ी, गठबंधन कर सकते हैं दोनों दल

प्रेषित समय :17:07:25 PM / Fri, Aug 7th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की हालिया मुलाकात ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है. दोनों दलों के भविष्य के रिश्तों पर अब सभी की नजरें टिकी हैं.

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सुखबीर सिंह बादल ने बताया कि बातचीत के दौरान पंजाब की कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया. इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या बीजेपी और अकाली दल एक बार फिर चुनावी साझेदारी की दिशा में बढ़ रहे हैं. फिलहाल किसी भी दल ने गठबंधन को लेकर औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन इस मुलाकात को पंजाब की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

2020 में टूटा था 25 साल पुराना साथ

बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल करीब ढाई दशक तक पंजाब में सहयोगी दल रहे. वर्ष 2020 में कृषि कानूनों के विरोध के दौरान किसान आंदोलन तेज होने पर अकाली दल ने एनडीए से अलग होने का फैसला लिया था. इसके बाद दोनों दलों ने 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़े. इन चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के कारण अब दोनों दलों के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं फिर से शुरू हो गई हैं.

दोनों दलों के सामने राजनीतिक चुनौतियां

अकाली दल अपने पारंपरिक जनाधार को मजबूत करने की कोशिश में जुटा है, जबकि बीजेपी पंजाब में स्वतंत्र रूप से अपना संगठन विस्तार कर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में मजबूत क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण बनाने के लिए दोनों दलों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विचार हो सकता है. हालांकि बीजेपी अब तक अकेले चुनाव लडऩे की रणनीति की बात करती रही है और अकाली दल भी फिलहाल संगठन मजबूत करने पर जोर दे रहा है.

गठबंधन पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं

राजनीतिक चर्चाओं के बावजूद बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल की ओर से गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है. सुखबीर सिंह बादल ने भी कहा है कि उनकी प्राथमिकता फिलहाल पार्टी को मजबूत करना है. इसके बावजूद प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात ने यह संकेत जरूर दिया है कि पंजाब की राजनीति में आने वाले समय में नए समीकरण बन सकते हैं. विधानसभा चुनाव नजदीक आते-आते राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-