जबलपुर. गोरा बाजार क्षेत्र में नियमों को दरकिनार कर संचालित की जा रही शराब दुकान को लेकर जिला प्रशासन और केंट बोर्ड ने सख्त रुख अपना लिया है. लगातार विरोध और जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आने के बाद कैंट बोर्ड ने शराब दुकान संचालक को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर दुकान हटाने के निर्देश दिए हैं. नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में दुकान नहीं हटाई गई तो केंट बोर्ड द्वारा तालाबंदी कर दुकान को सील कर दिया जाएगा. इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लंबे समय से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
जानकारी के अनुसार गोराबाजार मुख्य मार्ग से लगी बस्ती में शराब दुकान खोले जाने के बाद से ही स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं. करीब एक माह से क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा लगातार प्रदर्शन और विरोध किया जा रहा था. लोगों ने शराब दुकान के विरोध में गोराबाजार बाजार तक बंद कराया था और प्रशासन के समक्ष दुकान हटाने की मांग रखी थी. इसके बावजूद शराब दुकान का संचालन जारी रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी.
मामले को लेकर गोराबाजार संघर्ष समिति के पवन कनौजिया, नकुल गुप्ता, पवन यादव सहित अन्य लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शराब दुकान की जांच और उसे हटाने की मांग की थी. शिकायत के बाद रांझी तहसीलदार द्वारा मामले की जांच कराई गई. जांच के दौरान शराब दुकान के संचालन को लेकर कई गंभीर तथ्य सामने आए. बताया गया कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित की जा रही है, वह निर्धारित नियमों और दूरी के मानकों के अनुरूप नहीं है.
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि शराब दुकान धार्मिक स्थल से निर्धारित दूरी पर नहीं है. दुकान एक मस्जिद के नजदीक संचालित की जा रही थी, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी. इसके अलावा दुकान खोलने की प्रक्रिया में भी नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई. प्रशासनिक जांच के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और कैंट बोर्ड ने कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया.
केंट बोर्ड द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि आबकारी विभाग ने एफएल बिलहरी टू पीएस बरेला के नाम से शराब दुकान खोलने का लाइसेंस जारी किया था. आरोप है कि लाइसेंस धारक आकर्ष जायसवाल ने निर्धारित शर्तों का पालन किए बिना दुकान को गोराबाजार स्थित एक घर में संचालित करना शुरू कर दिया. इस संबंध में स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने जांच कराई और नियमों की स्थिति स्पष्ट हुई.
केंट सीईओ द्वारा जारी नोटिस में शराब दुकान संचालक को दो दिन के भीतर दुकान हटाने का निर्देश दिया गया है. साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा में दुकान नहीं हटाई गई तो केंट बोर्ड स्वयं कार्रवाई करते हुए दुकान में तालाबंदी करेगा और उसे सील कर दिया जाएगा. प्रशासन और केंट बोर्ड के इस सख्त रुख के बाद अब शराब दुकान संचालक के सामने दुकान हटाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है.
वहीं, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोली गई है, वहां बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं और आसपास धार्मिक स्थल भी मौजूद हैं. ऐसे में दुकान का संचालन स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा था. लगातार विरोध के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी थी. अब कैंट बोर्ड के नोटिस के बाद क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही दुकान हट जाएगी और लंबे समय से चल रहा विरोध समाप्त होगा. प्रशासन की अगली कार्रवाई अब इस बात पर निर्भर करेगी कि नोटिस में दी गई दो दिन की समय सीमा के भीतर शराब दुकान संचालक दुकान हटाता है या नहीं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

