जबलपुर में संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सीएम मोहन यादव, कहा- नर्मदा के हर कण में शंकर, ऐसी यात्रा पहली बार देखी

जबलपुर में संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सीएम मोहन यादव, कहा- नर्मदा के हर कण में शंकर, ऐसी यात्रा पहली बार देखी

प्रेषित समय :17:30:52 PM / Mon, Aug 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में मां नर्मदा का जल लेकर बाबा भोलेनाथ को अर्पित करने निकली संस्कार कांवड़ यात्रा में उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब को देखकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी अभिभूत नजर आए. उन्होंने कहा कि जहां तक नजर जा रही है, वहां तक कांवड़ यात्री भक्ति, साधना और संकल्प के साथ आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं. इतनी बड़ी और भव्य कांवड़ यात्रा उन्होंने पहली बार देखी है.

मुख्यमंत्री ने यात्रा में शामिल कांवड़ यात्रियों और जबलपुरवासियों को बधाई देते हुए कहा कि सावन में नर्मदा की नगरी संस्कारधानी जबलपुर से बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए निकलने वाली यह यात्रा हर वर्ष नए संकल्प और आस्था के साथ आगे बढ़ रही है. उन्होंने दादा गुरु और उनके साथ चल रहे हजारों कांवड़ यात्रियों का अभिनंदन किया. सीएम ने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है.

कांवड़ यात्रियों के मार्ग में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के साथ ही प्रदेश के प्रमुख देवस्थलों का विकास उनकी धार्मिक गरिमा और महत्व के अनुरूप किया जा रहा है. देवस्थलों के आसपास जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी सरकार का जोर है. उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ों में सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थान है. हमारे देवस्थान लोगों को आत्म-अनुशासन, सकारात्मकता और जीवन में आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं. धार्मिक यात्राएं और आध्यात्मिक आयोजन समाज में उत्साह, उमंग और आस्था का संचार करते हैं.

दादा गुरु के संकल्प का उल्लेख-

मुख्यमंत्री ने दादा गुरु सहित संत समाज और आध्यात्मिक विभूतियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि संतों का जीवन त्याग और साधना की प्रेरणा देता है. दादा गुरु ने नर्मदा के प्रति अपनी आस्था और साधना के माध्यम से एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है. उन्होंने संत समाज से सभी के जीवन में मंगल और कल्याण की कामना करने की बात कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नर्मदा के प्रति लोगों की आस्था अद्वितीय है. नर्मदा के हर कण में शंकर का वास दिखाई देता है, यह मां नर्मदा की कृपा है. उन्होंने संस्कार कांवड़ यात्रा की सफलता के लिए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और अंत में हर महादेव का जयघोष किया.

तेज आवाज वाले डीजे रहे प्रतिबंधित-

श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया था. झांकी, मंच या वाहन पर अधिकतम दो साउंड बॉक्स लगाए जा सकेंगे. स्पीकर का आकार 12 इंच से अधिक नहीं होगा और ध्वनि की अधिकतम सीमा 50 डेसिबल तय की गई है. हॉर्न स्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. विवादित या किसी की भावनाओं को आहत करने वाले गीत भी नहीं बजाए जा सकेंगे.

गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है यात्रा-

संस्कार कांवड़ यात्रा का नाम गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है. इसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं. इस बार यात्रा समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार और रामू दादा सहित संतजनों के सान्निध्य में निकाली जा रही है. आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और यात्रा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-