जबलपुर. एमपी के जबलपुर में सिहोरा स्थित इंडसइंड बैंक की सहायक कंपनी भारत फाइनेंशियल इनक्लूजन लिमिटेड की शाखा में लाखों रुपए के गबन का मामला सामने आया है. कंपनी के छह फील्ड मैनेजरों पर महिला समूहों से वसूली गई ऋण किश्तें और प्री-पेमेंट की रकम हड़पकर फरार होने का आरोप है. इस संबंध में सोमवार देर रात थाना सिहोरा में एफआईआर दर्ज की गई है.
इस मामले में ब्राम मैनेजर गोविंद रजक ने सिहोरा थाने में लिखित शिकायत देते हुए बताया कि उनकी शाखा में कार्यरत छह संगम मैनेजरों (फील्ड अफसरों) ने अपने पद का दुरुपयोग किया. इन मैनेजरों ने महिला समूहों से एकत्रित की गई ऋण किश्तों और प्री-पेमेंट की राशि को कंपनी के खाते में जमा नहीं किया, बल्कि उसे अपने व्यक्तिगत उपयोग में ले लिया और फरार हो गए. यह कंपनी मुख्य रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को समूह ऋण वितरित करती है और किश्तों का संग्रह करती है.
आरोपी संगम मैनेजरों- अतुल बैरागी, आकाश सिंह गोंड, पवन कुशवाहा, कृष्णकांत पांडे उर्फ कृष्णा, सौरभ सेन और बृजेश सिंह ने महिला हितग्राहियों का विश्वास जीता. उन्होंने नियमित किश्तें और समय से पूर्व ऋण बंद (प्री-पेमेंट) कराने के नाम पर बड़ी रकम एकत्र की. गबन का खुलासा होने पर ब्रांच मैनेजर ने आरोपियों से संपर्क कर राशि लौटाने को कहा. हालांकि, आरोपियों ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया और शिकायत करने पर धमकी भी दी. कंपनी की आंतरिक जांच में अधिकारियों के बयान, ग्राहकों के बयान और ऋण स्टेटमेंट के दस्तावेजों के सत्यापन से इस वित्तीय धोखाधड़ी की पुष्टि हुई. जांच में कर्मचारियों द्वारा बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की नीयत स्पष्ट पाई गई.
धोखाधड़ी से बैंक को कुल 25.63 लाख का नुकसान-
आरोपी कृष्णकांत पांडे ने सर्वाधिक 12,04,931 रुपए का गबन किया, जबकि सौरभ सेन ने 8,59,601 रुपए हड़पे. आकाश सिंह गोंड ने 4,01,039 रुपए, अतुल बैरागी ने 40,974 रुपए, पवन कुशवाहा ने 38,000 रुपए और बृजेश सिंह ने 19,225 रुपये का गबन किया. इस धोखाधड़ी से बैंक को कुल 25.63 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है.

