राम मंदिर को मिलेगा पहला CEO, तीन नामों में से एक पर 2 सितंबर को लगेगी मुहर

राम मंदिर को मिलेगा पहला CEO, तीन नामों में से एक पर 2 सितंबर को लगेगी मुहर

प्रेषित समय :22:09:40 PM / Thu, Aug 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। सीईओ पद के लिए हुए अंतिम साक्षात्कार के बाद अब 16 उम्मीदवारों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। सर्च कमेटी यह पैनल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपेगी। इसके बाद ट्रस्ट इन तीन नामों पर विचार कर एक उम्मीदवार के चयन पर अंतिम निर्णय लेगा। संभावना जताई जा रही है कि 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में राम मंदिर के पहले सीईओ के नाम की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।

राम मंदिर निर्माण के बाद मंदिर परिसर और उससे जुड़ी व्यापक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित, आधुनिक और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सीईओ पद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि इस पद के लिए चयन प्रक्रिया को काफी गंभीरता से आगे बढ़ाया गया है। अब तक बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों और कई चरणों की प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों की संख्या घटकर 16 तक पहुंची और इन उम्मीदवारों के अंतिम साक्षात्कार भी पूरे हो चुके हैं।

सर्च कमेटी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन 16 उम्मीदवारों में से तीन ऐसे नामों का चयन करना है, जिन्हें राम मंदिर जैसी व्यापक धार्मिक और संस्थागत व्यवस्था के संचालन के लिए सबसे उपयुक्त माना जाए। तीन नामों की सूची तैयार होने के बाद चयन का अगला चरण ट्रस्ट के स्तर पर पूरा होगा। यानी अंतिम निर्णय सर्च कमेटी नहीं, बल्कि ट्रस्ट करेगा।

सीईओ पद के लिए अंतिम दौर में पहुंचे उम्मीदवारों में सेना के पूर्व अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी तथा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके अनुभवी पेशेवर शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक अनुभव के साथ नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक सोच, तकनीकी समझ और बड़े संस्थान को संचालित करने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

सर्च कमेटी में न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। न्यायपालिका, रक्षा और विज्ञान जैसे अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले इन विशेषज्ञों ने उम्मीदवारों के अंतिम साक्षात्कार के दौरान उनके अनुभव और क्षमताओं को परखा। उम्मीदवारों से सीईओ के रूप में उनकी संभावित भूमिका, प्रशासनिक दृष्टिकोण और मंदिर से जुड़ी भविष्य की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए गए।

राम मंदिर के पहले सीईओ के चयन को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मंदिर के विस्तार और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। मंदिर परिसर की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, सुरक्षा, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, आर्थिक प्रबंधन, तकनीकी व्यवस्थाएं और भविष्य की परियोजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए एक सक्षम प्रशासनिक नेतृत्व की जरूरत महसूस की जा रही है।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में मंदिर प्रशासन के सामने केवल धार्मिक आयोजन संचालित करने की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करना और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना भी महत्वपूर्ण चुनौती है। प्रस्तावित सीईओ को इन सभी क्षेत्रों में ट्रस्ट और प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभानी पड़ सकती है।

चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता के अलावा यह भी देखा गया कि वे किसी बड़े संस्थान को किस तरह दीर्घकालीन दृष्टि से संचालित कर सकते हैं। सर्च कमेटी ने उम्मीदवारों की रणनीतिक सोच और तकनीकी समझ को भी परखा। इससे संकेत मिलता है कि ट्रस्ट केवल पारंपरिक प्रशासनिक अनुभव वाले अधिकारी की तलाश में नहीं है, बल्कि ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है जो आधुनिक प्रबंधन और संस्थागत व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से समझता हो।

सीईओ पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने रुचि दिखाई थी। हजारों आवेदनों के बीच से चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के बाद उम्मीदवारों की संख्या लगातार कम की गई। अब अंतिम साक्षात्कार पूरा होने के बाद 16 उम्मीदवारों में से तीन नाम चुने जाने हैं। इन तीन नामों में से एक उम्मीदवार के पक्ष में ट्रस्ट अंतिम फैसला करेगा।

ट्रस्ट की आगामी बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है। इसी बैठक में तीन नामों के पैनल पर विचार होने और उनमें से एक उम्मीदवार के चयन की संभावना है। यदि प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती है तो इसी दिन राम मंदिर ट्रस्ट को उसका पहला सीईओ मिल सकता है।

पहले सीईओ की नियुक्ति के साथ राम मंदिर प्रशासन के कामकाज को एक नए संस्थागत स्वरूप मिलने की उम्मीद है। यह पद मंदिर की दैनिक व्यवस्था से लेकर भविष्य की योजनाओं के क्रियान्वयन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में ट्रस्ट के सामने अब तीन नामों में से सबसे उपयुक्त उम्मीदवार चुनने की चुनौती है।

फिलहाल सर्च कमेटी के स्तर पर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अंतिम फैसला ट्रस्ट के हाथ में पहुंचने वाला है। 16 उम्मीदवारों से तीन नामों तक पहुंचने के बाद अब निगाहें उन तीन नामों पर रहेंगी जिन्हें पैनल में शामिल किया जाएगा। इसके बाद 2 सितंबर की बैठक में यह तय होगा कि राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में किस अनुभवी चेहरे को जिम्मेदारी मिलती है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-