हाईकोर्ट का आदेश- मृत यात्री के पास टिकट नहीं तो भी रेलवे दे पत्नी को 8 लाख का मुआवजा, 9% ब्याज भी लगेगा

 हाईकोर्ट का आदेश- मृत यात्री के पास टिकट नहीं तो भी रेलवे दे पत्नी को 8 लाख का मुआवजा, 9% ब्याज भी लगेगा

प्रेषित समय :11:49:08 AM / Wed, Aug 19th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

लखनऊ. हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मंगलवार (18 अगस्त) को 2011 में चलती ट्रेन से गिरने के बाद जान गंवाने वाले एक व्यक्ति की विधवा को 8 लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया है. मृतक से रेलवे टिकट बरामद न होना ही उसके आश्रितों को मुआवजा देने से इन्कार करने का आधार नहीं हो सकता. तय समय से देरी पर भुगतान होने तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी लगेगा.

न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की एकल पीठ ने एक अपील को स्वीकार करते हुए रेलवे दावा न्यायाधिकरण के 2017 के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें शिव नारायण सिंह की विधवा लाली द्वारा दायर मुआवजे के दावे को खारिज कर दिया गया था.

मृतक के परिवार को 19 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश

विधवा के पति 21 नवंबर 2011 को इटावा से दिल्ली जाने वाली लाल किला एक्सप्रेस में सवार हुए थे और कथित तौर पर सराय भूपत रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन से गिर गए. दलील दी गई कि प्रारंभिक भार दावेदार पर है कि वह वास्तविक यात्रा को साबित करे, लेकिन यह भी कहा गया कि टिकट की अनुपस्थिति स्वत: ही दावे को खारिज नहीं करती है. इस मामले में विधवा और एक अन्य गवाह ने गवाही दी कि विधवा के पति ने द्वितीय श्रेणी का टिकट खरीदा था. रेलवे उनके दावे का खंडन करने के लिए टिकट बिक्री के रिकॉर्ड या अन्य सबूत पेश करने में विफल रहा. हाईकोर्ट ने ट्रिब्यूनल के इस तर्क को खारिज कर दिया कि मृतक के शरीर के तीन टुकड़ों में मिलने से यह साबित होता है कि पटरियों पर चलते समय उस पर ट्रेन चढ़ गई थी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-