वंदे मातरम विवाद: अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा- '1937 जैसा फैसला फिर दोहराकर किया तुष्टीकरण

वंदे मातरम विवाद: अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा-

प्रेषित समय :15:10:17 PM / Thu, Aug 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान और तेज हो गया है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के उस हालिया फैसले को 'देशविरोधी' करार दिया है, जिसमें पार्टी ने अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से केवल शुरुआती दो पैराग्राफ (स्टैंजा) गाने का ऐलान किया है.  गृहमंत्री अमित शाह ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का यह कदम हैरान करने वाला और इतिहास की गलतियों को दोबारा दोहराने जैसा है. शाह ने आरोप लगाया, "वर्ष 1937 में कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टीकरण के तहत राष्ट्रगीत को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया था.

उसी फैसले ने आगे चलकर 'द्वि-राष्ट्र सिद्धांत' को मजबूती दी और अंततः देश के विभाजन का कारण बना. आज राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर वही तुष्टीकरण की राजनीति आगे बढ़ा रही है." उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने राष्ट्रगीत के पूरे सम्मान को बहाल किया है.  कांग्रेस का पलटवारगृहमंत्री शाह के आरोपों पर कांग्रेस पार्टी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पलटवार करते हुए कहा कि 'वंदे मातरम' देश के स्वतंत्रता संग्राम का अभिन्न हिस्सा रहा है और यह कांग्रेस के लिए एक भावनात्मक विषय है.

उन्होंने कहा, "आजादी की लड़ाई के समय महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं ने 1937 में सर्वसम्मति से जो फैसला लिया था, कांग्रेस कार्यकर्ता उसी का सम्मान करेंगे. स्वतंत्रता संग्राम में भाजपा की कोई भूमिका नहीं थी, इसलिए वे राष्ट्रगीत को केवल राजनीतिक लाभ का जरिया बना रहे हैं."  विवाद की पृष्ठभूमियह पूरा विवाद हाल ही में स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम के गायन को लेकर शुरू हुआ था. इसके बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में औपचारिक फैसला लिया गया कि पार्टी अपने कार्यक्रमों में 1937 के प्रस्ताव के तहत पहले दो पैराग्राफ ही गाएगी. इसके जवाब में भाजपा ने कांग्रेस पर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के अपमान का आरोप लगाते हुए इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-