हफ्ता न देने पर ब्लेड से हाथ में दिया एस, जबलपुर के बाल सुधार घर से छूटे नाबालिग का आरोप, सर्चिंग में गांजा-फोन भी मिला

हफ्ता न देने पर ब्लेड से हाथ में दिया एस, जबलपुर के बाल सुधार घर से छूटे नाबालिग का आरोप, सर्चिंग में गांजा-फोन भी मिला

प्रेषित समय :17:26:38 PM / Thu, Aug 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में गोकलपुर रांण्ी स्थित  बाल सुधार घर से सामने आया मामला चिंता बढ़ाने वाला है. यहां रह रहे नाबालिगों के एक ग्रुप पर दूसरे बच्चों से पैसे मांगने और पैसे नहीं देने पर मारपीट करने का आरोप लगा है.

हाल ही में बाल सुधार घर से बाहर आए 17 वर्षीय नाबालिग ने अपने पिता को बताया कि उससे हर हफ्ते एक हजार रुपए मांगे गए. रुपए नहीं देने पर उसके दोनों हाथों और शरीर के दूसरे हिस्सों पर ब्लेड से कट लगाया गया. शिकायत के बाद बाल सुधार घर में सर्चिंग की गई, जिसमें दो मोबाइल फोन, गांजा, गुटखा और अन्य प्रतिबंधित सामान मिले. बाल सुधार घर प्रबंधन ने भी एक बच्चे के हाथों पर कट लगाए जाने की पुष्टि की है. हालांकि, उसका कहना है कि कट ब्लेड से नहीं, बल्कि बच्चों को पढ़ाई के लिए दिए जाने वाले शार्पनर की ब्लेड से लगे हैं. आरोप है कि साथ में रहने वाले लड़कों ने ब्लेड से हाथ पर नाम का पहला अक्षर लिख दिया.

ऐसे सामने आया पूरा मामला-

जबलपुर के बेलखेड़ा इलाके में रहने वाले 17 वर्षीय नाबालिग को लूट और पिस्टल रखने के मामले में 10 अगस्त को पकड़ा गया था. इसके बाद उसे गोकलपुर स्थित बाल सुधार घर में रखा गया. 19 अगस्त को जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपने पिता को बाल सुधार घर की स्थिति के बारे में बताया. नाबालिग के मुताबिक, वहां करीब 10-12 लड़कों का एक समूह है. नए या कमजोर बच्चों को इस समूह की बात माननी पड़ती है. विरोध करने पर मारपीट की जाती है. उसने अपने पिता को बताया कि उसके दोनों हाथों पर कट लगाए गए और एक लड़के ने ब्लेड से उसके हाथ पर अपना नाम तक लिख दिया.

रहना है तो हर हफ्ते 1 हजार रुपए दो-

नाबालिग के पिता का आरोप है कि 12 अगस्त को उनके मोबाइल पर बाल सुधार घर से फोन आया था. बेटे ने बताया कि अंदर रहने वाले लड़कों ने कहा है कि अगर सुरक्षित रहना है तो 1 हजार रुपए लेकर आओ. पिता का कहना है कि उन्होंने इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया. इसके बाद बेटे के साथ मारपीट की गई. आरोप है कि उसके दोनों हाथों पर ब्लेड से कट लगाए गए. पानी से हाथ गीले कर पीठ पर भी मारा गया. पिता के मुताबिक, बेटे के शरीर पर चोट के निशान अब भी हैं.

बेटे के दोनों हाथों पर कई निशान-

नाबालिग ने पिता को बताया कि उसके हाथों पर कई कट लगाए गए. एक अन्य लड़के ने कथित तौर पर ब्लेड से उसके हाथ पर अपना नाम भी लिख दिया. पिता का कहना है कि बेटे के दोनों हाथों पर कई निशान हैं. शिकायत के बाद उन्होंने अधिकारियों से मामले में कार्रवाई की मांग की. प्रबंधन अब इस बात की जांच कर रहा है कि प्रतिबंधित सामान अंदर कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल कौन कर रहा था.

प्रबंधन ने कहा, शार्पनर की ब्लेड से लगाए कट-

बाल सुधार घर के अधीक्षक शैलेश कुमार और सहायक अधीक्षक अरुण कुमार बधोलिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद तत्काल जांच और सर्चिंग कराई गई. उन्होंने एक बच्चे के साथ मारपीट और उसके हाथों पर कट लगाए जाने की बात स्वीकार की. हालांकि, उनका कहना है कि कट शार्पनर की ब्लेड निकालकर लगाए गए थे. प्रबंधन के मुताबिक, बच्चों को पढ़ाई के लिए किताब-कॉपी के साथ पेन, पेंसिल और शार्पनर जैसी सामग्री भी दी जाती है. इसी शार्पनर की ब्लेड का इस्तेमाल घटना में किए जाने की बात सामने आई है.

करीब 50 बच्चे रह रहे हैं-

जानकारी के मुताबिक, गोकलपुर बाल सुधार घर में फिलहाल करीब 50 नाबालिग रह रहे हैं. इनमें कई की उम्र 16 से 17 साल के बीच है. इनमें कुछ ऐसे बच्चे भी हैं, जिनका अलग-अलग अपराधों में पहले भी यहां आना-जाना रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-