नई दिल्ली. दिल्ली जंक्शन से बिहार के सुल्तानगंज जा रहे एक ही परिवार के छह सदस्यों के साथ चलती ट्रेन में बड़ा हादसा हो गया. ट्रेन संख्या 15657 ब्रह्मपुत्र मेल के स्लीपर कोच एस-वन में सफर कर रहे इस परिवार की सीट संख्या 73 से 78 तक आरक्षित थी. सफर के दौरान सीट नंबर 78 के पास लगी मिडिल बर्थ अचानक टूटकर नीचे आ गिरी.
भारी-भरकम बर्थ के सीधे नीचे गिरने से निचली सीट पर बैठे यात्री को चोटें आईं. अचानक हुए इस हादसे से डिब्बे में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई. आसपास के सहयात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला, जिससे कोई बड़ा जानलेवा नुकसान होने से टल गया. हादसे के बाद यात्रियों में रेलवे के लचर रखरखाव को लेकर भारी रोष देखने को मिला.
पीडि़त परिवार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद संबंधित स्टाफ और नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई, लेकिन काफी देर तक उन्हें कोई प्राथमिक सहायता या तकनीकी मदद नहीं मिली. यात्रियों का कहना है कि स्लीपर श्रेणी में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जहां जर्जर हो चुकी बर्थों की समय पर जांच नहीं होती.
सुरक्षा में चूक के साथ ही कोच में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का भी आरोप लगाया गया. यात्रियों ने बताया कि पूरे डिब्बे के शौचालयों में पानी नहीं था, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसके अलावा कोच के अधिकांश मोबाइल चार्जिंग साकेट्स भी टूटे और खराब पड़े थे.
पीडि़त यात्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पर पीएनआर संख्या (2520005439) का उल्लेख करते हुए रेल मंत्रालय, रेलवे सेवा और रेल मदद मांगी. उन्होंने मामले में घोर लापरवाही बरतने वाले मेंटेनेंस स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई करने, ट्रेन में तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और कोच की तकनीकी कमियों को दूर करने की मांग की है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

