जबलपुर. माढ़ोताल थाना क्षेत्र के शंकर नगर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक युवक को ऑनलाइन ठगी की आशंका बताकर पहले डराया गया और फिर इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए उसके मोबाइल फोन को हैक कर दिया गया. युवक कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उसके बैंक खाते से 35 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए. खाते से रकम निकलने का पता चलते ही युवक ने परिजनों को जानकारी दी और माढ़ोताल थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम की शिकायत की. पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस के अनुसार शंकर नगर निवासी आकाश अहिरवार के मोबाइल फोन पर साइबर ठग ने संपर्क किया था. बातचीत के दौरान ठग ने युवक से कहा कि उसके साथ ऑनलाइन ठगी हो सकती है. अचानक मिली इस चेतावनी से युवक घबरा गया. ठग ने इसी डर का फायदा उठाया और बातचीत के दौरान ऐसी गतिविधि की, जिसके बाद युवक का मोबाइल फोन उसके नियंत्रण में चला गया. हालांकि युवक को तत्काल यह पता नहीं चल सका कि उसके मोबाइल के साथ छेड़छाड़ हो चुकी है.
घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब आकाश के बैंक खाते से 35 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए. खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही युवक के होश उड़ गए. उसने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी और बिना देर किए पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने युवक से घटना से संबंधित जानकारी लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
इस घटना में साइबर ठगी का वह तरीका सामने आया है, जिसमें ठग पहले संभावित खतरे का डर दिखाकर सामने वाले व्यक्ति को मानसिक रूप से परेशान करता है. घबराहट की स्थिति में व्यक्ति ठग की बातों पर भरोसा कर सकता है और इसी दौरान उसके मोबाइल या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा सकती है. हालांकि पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी ने युवक के मोबाइल को किस तकनीकी तरीके से अपने नियंत्रण में लिया और खाते से रकम किस माध्यम से ट्रांसफर की गई.
पुलिस अब मोबाइल फोन और बैंक खाते से जुड़े लेनदेन की जानकारी जुटा रही है. 35 हजार रुपये जिस खाते या माध्यम से ट्रांसफर किए गए, उसकी जानकारी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी. इसी के आधार पर पुलिस ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते और डिजिटल माध्यम तक पहुंचने का प्रयास करेगी. आरोपी ने युवक से किस नंबर से संपर्क किया था और बातचीत के दौरान क्या-क्या जानकारी ली गई, इसका भी पता लगाया जा रहा है.
जबलपुर के माढ़ोताल क्षेत्र में सामने आए इस मामले में फिलहाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब ठग की पहचान और युवक के खाते से निकाली गई 35 हजार रुपये की रकम के लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. मोबाइल फोन हैक किए जाने की घटना से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद ही ठगी के पूरे तरीके और आरोपी तक पहुंचने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
इस घटना ने यह भी दिखाया है कि साइबर ठगी में अब केवल बैंक संबंधी जानकारी हासिल करने की कोशिश ही नहीं की जा रही, बल्कि पहले व्यक्ति को डराकर उसकी निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित करने का तरीका भी अपनाया जा सकता है. इसलिए अनजान कॉल पर मिली किसी भी धमकी या चेतावनी को लेकर घबराने के बजाय उसकी पुष्टि करना और संदिग्ध गतिविधि होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देना जरूरी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

