इंदौर. चंडीगढ़ से इंदौर आ रहे 80 वर्षीय बुजुर्ग की नाक पर ऊना-इंदौर एक्सप्रेस के एसी कोच में रात में चूहे ने काट लिया. घटना के बाद परिवार ने रेलवे से चिकित्सकीय सहायता मांगी. इसके लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी टैग कर शिकायत की, फिर भी करीब चार घंटे बाद आगरा पहुंचकर प्राथमिक उपचार मिल पाया. इस दौरान परिवार चूहे के डर से रात भर कैबिन की लाइट जलाकर बैठा रहा.
घटना ऊना हिमाचल-इंदौर एक्सप्रेस में शनिवार रात को घटी. विजय करण अपने 80 वर्षीय पिता, पत्नी और दो माह की बेटी के साथ चंडीगढ़ से इंदौर आ रहे थे. उनके पिता एचपी करण सीआइएसएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट हैं. शनिवार शाम करीब 4:20 बजे वह परिवार के साथ ट्रेन में सवार हुए. उनकी बर्थ फर्स्ट एसी क्लास में कोच एच-1 के ए कैबिन में दो, तीन और चार नंबर थी.
नाक पर चूहे ने काटा
विजय ने बताया कि रात करीब 10 बजे जब सो रहे थे, तभी उनके पिता अचानक चीखे. उन्होंने कहा कि उनकी नाक पर चूहे ने काट लिया है. तुरंत लाइट जलाकर देखा तो पिता की नाक से खून बह रहा था. उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत अटेंडेंट से की, लेकिन उसने कुछ नहीं किया. सभी सहायता का इंतजार करते रहे.
शिकायत के बावजूद तीन बड़े स्टेशनों पर नहीं मिली मदद
घटना के बाद दिल्ली सहित तीन बड़े स्टेशन गुजरे, नहीं मिली मदद रेलवे में लापरवाही की हद को इस बात से समझा जा सकता है कि 10 बजे जब घटना हुई, तब ट्रेन दिल्ली के करीब थी, तुरंत शिकायत के बाद ट्रेन 10:33 बजे दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंची और 11 बजे तक रुकी. 11:26 बजे फरीदाबाद और 12:48 बजे मथुरा पहुंची, लेकिन इस बीच कहीं कोई मेडिकल सहायता नहीं मिल पाई. इसके बाद रात 1:55 बजे जब ट्रेन आगरा पहुंची तो यहां मेडिकल स्टाफ आया. उसने घाव साफ कर पट्टी की और दवा दी.

